कश्मीर का नजारा इन दिनों बेहद मोहक लग रहा है। चिनार के सुर्ख पत्ते और पहाड़ों पर बिछी बर्फ की चादर पर्यटकों को लुभा रहे हैं। समय से पहले नवंबर के पहले सप्ताह में ही हुई बर्फबारी के बाद अब सुर्ख हुए चिनार के पत्ते अलग ही फिजा का एहसास दिला रहे हैं। पतझड़ का यह मौसम कश्मीर की सुंदरता में चार चांद लगा रहा है।
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पतझड़ की तस्वीरें
- फोटो : बासित जरगर
विश्व भर में प्रसिद्ध कश्मीर का हर मौसम में एक अलग ही मजा है। यही कारण है कि देश विदेश से पर्यटक यहां घूमने आते हैं। आजकल चारों ओर एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है।
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पतझड़ की तस्वीरें
- फोटो : बासित जरगर
पतझड़ कश्मीर को एक अनोखे अंदाज में पेश करता दिख है। श्रीनगर का निशात मुगल बाग हो, शालीमार मुगल बाग हो या फिर चिनार बाग हर जगह चिनार के पेड़ों क सुंदरता देखते बन रहा है।
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पतझड़ की तस्वीरें
- फोटो : बासित जरगर
मुंबई से आई शेफाली ने बताया कि वह 2013 में कश्मीर घूमने आई थी। तब भी पतझड़ का ही मौसम था। इसलिए मन में एक बार फिर से वही नजारा देखने की इच्छा थी। लेकिन इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। क्योंकि सुर्ख चिनार के पत्तों के साथ पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर ने कश्मीर को और खूबसूरत बना दिया है।
गौरतलब है कि चिनार के पत्ते अक्तूबर में ही धीरे धीरे लाल होने लगते हैं। जैसे ही लाल पत्ते जमीन पर गिरने शुरू होते हैं, वैसे ही कश्मीर में ठंड का आगमन भी शुरू हो जाता है। कश्मीर में पतझड़ के इस मौसम का इंतजार न सिर्फ पर्यटक, बल्कि यहां के लोगों को करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी सबसे पसंदीदा मौसम यही पतझड़ था।