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तस्वीरेंः बर्फबारी के कहर पर भारी सेना के शूरवीर, बर्फ में फंसे बुजुर्ग को इस तरह पहुंचाया अस्पताल

Fri, 17 Jan 2020 01:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बुजुर्ग को अस्पताल ले जाते जवान - फोटो : ani
घाटी में बर्फबारी का कहर जारी है। बर्फ की चट्टानें गिरने का सिलसिला भी चल रहा है। इस वजह से अक्सर स्थानीय नागरिक इसकी जद में आ जाते हैं। 14 जनवरी को कुपवाड़ा जिले के लालपुरा इलाके में 75 वर्षीय गुलाम नबी गनी बर्फबारी की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही सेना ने बचाव कार्य शुरू किया और दो किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। बुजुर्ग का इलाज जारी है। चिनार कोर की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। साथ ही सेना उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है।
 
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सेना ने देवदूत बनकर मदद की - फोटो : ani
इससे पहले बारामुला जिले के दर्दपोरा गांव में बर्फबारी में फंसी एक गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की। शमीमा नाम की इस महिला को अस्पताल में तत्काल भर्ती कराने की जरूरत थी। परिवार वालों की मदद की गुहार पर महिला को स्ट्रेचर पर लेकर 150 जवानों तथा 30 नागरिकों ने छह घंटे पैदल चलकर महिला को अस्पताल पहुंचाया। यहां उसने बच्चे को जन्म दिया। सेना की चिनार कोर की ओर से ट्वीट कर कहा गया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

 
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सेना ने देवदूत बनकर मदद की - फोटो : ani
मंगलवार को शमीमा प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी। बर्फबारी के कारण आसपास के सारे रास्ते बंद हो गए थे। ऐसे में उसे घर से बाहर ले जाना काफी मुश्किल था। परिवार के लोगों ने सेना से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सेना के 150 जवानों तथा 30 नागरिकों ने उसे स्ट्रेचर पर लेकर बटालियन हेडक्वॉर्टर अपलोना तक का साढ़े चार किलोमीटर का रास्ता तय किया।

 

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सेना ने देवदूत बनकर मदद की - फोटो : भारतीय सेना
एक पार्टी रास्ते भर बर्फ हटाकर रास्ता बना रही थी। अपलोना में महिला का मेडिकल चेकअप तथा आवश्यक दवाएं देने के बाद उसे सेना की एंबुलेंस से बारामुला जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया। इस दौरान जवान अस्पताल के बाहर मौजूद रहे ताकि आपात स्थिति में मदद की जा सके।

 
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गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की - फोटो : भारतीय सेना
वहीं घाटी में लगातार हो रही भारी बर्फबारी में लच्छीपुरा इलाके में एक नागरिक फंस गया। जानकारी मिलते ही जवानों ने बचाव अभियान शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद बर्फ में दबे नागिरक तारिक इकबाल को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना इसी महीने की 14 तारीख की है।
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