सेना ने देवदूत बनकर मदद की
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इससे पहले बारामुला जिले के दर्दपोरा गांव में बर्फबारी में फंसी एक गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की। शमीमा नाम की इस महिला को अस्पताल में तत्काल भर्ती कराने की जरूरत थी। परिवार वालों की मदद की गुहार पर महिला को स्ट्रेचर पर लेकर 150 जवानों तथा 30 नागरिकों ने छह घंटे पैदल चलकर महिला को अस्पताल पहुंचाया। यहां उसने बच्चे को जन्म दिया। सेना की चिनार कोर की ओर से ट्वीट कर कहा गया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।