एलओसी के पास जवानों का सहारा बनने वाले केरन सेक्टर के लोगों के लिए भारतीय सेना भी मददगार बनकर सामने आई है। सेना ने करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर श्रीनगर से करीब 125 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा के फरकियां गली में कृत्रिम अंग फिटमेंट शिविर लगाकर कई लोगों को नई जिंदगी दी। उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के स्थानीय लोग अकसर भारतीय सेना के संग रहकर हर कार्य में उनकी मदद करते हैं। कई पोर्टर का काम करते हैं। लेकिन इस दौरान एलओसी से सटे इन इलाकों के लोग अकसर दुश्मन का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना बनते हैं। कभी पाकिस्तानी गोलाबारी में उनके मकान तबाह हो जाते हैं तो कभी उन्हें जान भी गंवानी पड़ती है। कभी उन्हें दुश्मन के लिए बिछाए गए बारूद का भी निशाना बनना पड़ता है। ऐसे ही कई स्थानीय लोगों के लिए भारतीय सेना ने फरकियां गली में एक शिविर लगाया। इसमें 76 पीड़ितों की मदद की गई। इनमें केरन पाईन, केरन बाला, मंडियां, नागां, त्रिंगनियां, कलस, बनी, कुंडियां, पात्रो, दड़दर, क्रालपोरा, रेडी, चौकीबल, मानचित्रा, वारसनू आदि गांवों के लोग पहुंचे।