बाटला हाउस
अमित ने बताया कि लगभग एक माह तक मुंबई में दोस्त के पास रहते हुए अंधेरी में ऑडिशन को लेकर आने-जाने वाले लोगों और वहां के माहौल को महसूस किया। यही वो समय था, अमित ने पाया कि आगे बढ़ना मुश्किल नहीं है। कुछ माह बाद अमित राजस्थान में नौकरी से इस्तीफा देकर मुंबई लौट गया और फिर आडिशन का सिलसिला शुरू हुआ। अमित ने इस दौरान संघर्ष भी किया। बताया कि खर्चे इतने बढ़ गए थे कि उन्हें फिर से मुंबई में एक फार्मा ज्वाइन करनी पड़ी। फील्ड जॉब के चलते उन्हें ऑडिशन के अवसर भी मिल जाते। करीब छह-सात माह के संघर्ष के बाद नाटकों और एड में रोल मिलना शुरू हो गए।