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कश्मीर का बदामवारी गार्डन: भीनी-भीनी खुशबू मन में घोलती है मिठास, होता है अपनेपन का अहसास

Thu, 18 Mar 2021 04:07 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बदामवारी गार्डन - फोटो : बासित जरगर
कश्मीरी बादाम ने अपने फल और फूलों से घाटी ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित किया है। इसके साथ ही बादाम कश्मीर की कला और संस्कृति के साथ एक आंतरिक संबंध भी प्रदर्शित करती है। बदामवारी कश्मीरियों के लिए बेहतर भविष्य की आशा और प्रेरणा का प्रतीक मानी जाती है। छह महीने की भयंकर सर्दी के बाद बादाम का फूल लोगों को सब कुछ ठीक होने का आश्वासन देता है। साथ ही बताता है कि सर्दी का सितम खत्म हो चुका है। बदामवारी गार्डन पर्यटकों को सुखदायक अनुभव प्रदान करता है। यहां की भीनी-भीनी खुशबू मन में मिठास घोलती है।
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बदामवारी गार्डन - फोटो : बासित जरगर
बता दें कि अनुच्छेद 370 के हटने और इसके बाद कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से मेवा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मेवा (ड्राई फ्रूट्स) कारोबार में एशिया की सबसे बड़ी थोक जम्मू के नरवाल में है।
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बदामवारी गार्डन - फोटो : बासित जरगर
थोक के अलावा ड्राई फ्रूट के खुदरा बाजार पर भी असर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों का रुख न करने से इस बार प्रभावित होना पड़ा है। पर्यटन स्थलों के विकसित न होने से भी कारोबार पर असर पड़ रहा है।

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बदामवारी गार्डन - फोटो : बासित जरगर
उनका कहना है कि कारोबार को बनाए रखने के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ानी होंगी। नए पर्यटन स्थल भी विकसित करने होंगे। 
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बदामवारी गार्डन - फोटो : बासित जरगर
अखरोट, अखरोट गिरी और बादाम पर निर्भर नरवाल की ड्राई फ्रूट मंडी में जम्मू-कश्मीर समेत देश भर से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मेवा आता है। खासकर चिली, पाकिस्तान, चीन और कैलिफोर्निया से। वहीं, कई देशों में जम्मू से ड्राई फ्रूट का निर्यात होता है।
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