फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहलगाम हमले के बाद भी नहीं डिगी आस्था: खीर भवानी मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

Tue, 03 Jun 2025 01:07 PM IST
निकिता गुप्ता अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

पहलगाम आतंकी हमले के बावजूद गांदरबल के तुलमुला स्थित खीर भवानी मेले में हजारों श्रद्धालु जुटे, श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी।
विज्ञापन
1 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी पहले बड़े धार्मिक आयोजन के लिए तैयार है। मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुला गांव में मंगलवार को ऐतिहासिक खीर भवानी मेला होगा।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
मगर आतंकी हमले का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं है। मंदिर परिसर में मौजूद हर चेहरा आस्था से दमक रहा है। न कोई डर है और न कोई संशय। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने भी तमाम व्यवस्थाएं की हैं।
विज्ञापन

3 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
सोमवार को खीर भवानी मेले से एक दिन पहले ही तुलमुला गांव स्थित माता खीर भवानी मंदिर में हजारों श्रद्धालु जुटे। मंदिर परिसर रंग-बिरंगी झंडियों, रोशनी से जगमगा रहा है। दिनभर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।

4 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
कहीं महिलाएं चिनार की छांव में भजन गा रही थीं, तो कहीं श्रद्धालु ढोलक की थाप पर झूमते नजर आए। पूरा परिसर भक्ति और भाईचारे के माहौल में डूबा रहा।पहलगाम हमले के बाद श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें सबसे बड़ा भरोसा अपनी माता रानी पर है।
विज्ञापन

5 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
जम्मू से आईं मीनाक्षी फोतेहदार ने कहा कि हम 31 मई को जम्मू के जगती से चले थे, रास्ते भर पूरी सुरक्षा मिली।
विज्ञापन

6 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
हमारा सफर अच्छा रहा। डरने का कोई कारण नहीं, जब माता साथ हैं तो चिंता कैसी। उनके साथ बैठीं मीनू पंडिता ने कहा कि तुलमुला आकर लौटने का मन नहीं करता। माता सब कुछ ठीक करेंगी।
विज्ञापन

7 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
संस्कृति को जीवित रखना भी भक्ति का हिस्सा
मंदिर परिसर में महिलाएं पारंपरिक कश्मीरी सब्जी हाक (कश्मीरी साग) साफ करती दिखीं। मीनाक्षी ने बताया कि हाक हमारी संस्कृति की पहचान है। बगैर इसके हमारा खाना अधूरा है। कहती हैं कि अपनी संस्कृति को जीवित रखना भी हमारी भक्ति का हिस्सा है।

8 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
बाहर बैठे लोगों को यही संदेश है कि हालात जैसे भी हो डरें नहीं और माता के दरबार में आएं। सब कुछ माता के हाथ में है जो उसे करना होगा वो करेगी।। वहीं कुछ महिलाएं भजनों पर झूमती रहीं। श्रद्धा और सांस्कृतिक रंगों से पूरा परिसर सराबोर रहा।आबिद बोले- कश्मीरी एकता की पहचान है मेला

9 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
खीर भवानी मेले में स्थानीय मुस्लिम समुदाय भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है। मंदिर का प्रसाद तैयार करना हो या श्रद्धालुओं का स्वागत, हर जगह उनकी भूमिका दिखी। स्थानीय निवासी आबिद हुसैन भट ने कहा कि खीर भवानी मेला सिर्फ कश्मीरी पंडितों का नहीं, हम सभी का त्योहार है।

10 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
हमारी श्रद्धालुओं से अपील है कि बेखौफ होकर यहां आएं, जब तक कश्मीर और कश्मीरी हैं, तब तक डरने की जरूरत नहीं है। हम सभी का मानना है कि हिंदू-मुस्लिम-सिख और ईसाई आपस में भाई-भाई हैं।

11 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
कहते हैं कि हमने सुना था कि आतंकवाद के दौर से पहले कश्मीरी पंडित और मुस्लिम मिलजुल कर रहते थे। हम चाहते हैं कि पुराने दिनों की तरह भाईचारा दोबारा लौटे। 

12 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
उपायुक्त बोले- श्रद्धालुओं को सुरक्षित और समर्पित माहौल देंगेपहलगाम आतंकी हमले के बाद यह कश्मीर घाटी में पहला बड़ा आयोजन है। इसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।

13 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : बसित जरगर
जिला उपायुक्त जतिन किशोर ने कहा कि हम शांतिपूर्ण और समृद्ध तीर्थयात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
विज्ञापन

14 of 14
खीर भवानी मेले - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने हर स्तर पर तैयारियां की हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और समर्पित माहौल देंगे। माता खीर भवानी मेला कश्मीरी पंडितों का प्रमुख धार्मिक आयोजन है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें