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उपचार से बेहतर बचाव: स्वास्थ्य का परीक्षण के लिए ‘छह मिनट की सैर‘ जरूरी, साथ ही ये काम भी करें

Sun, 23 May 2021 02:51 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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coronavirus in jammu kashmir - फोटो : बासित जरगर
जम्मू में सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर विजय कुंडल ने कहा है कि कोरोना का उपचार करने से अच्छा है इससे बचाव। इसके बचाव में मास्क पहनना, बार-बार अच्छी तरह हाथ साफ करना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना शामिल है। डॉक्टर ने जरूरी होने पर ही बाहर जाने, मास्क पहनने और भीड़ से बचने के सरकार के निर्देशों को दोहराया। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि अपने आसपास के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में सिखाएं। साथ ही उन्होेंने टीकाकरण को कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताया।
 
डॉक्टर विजय ने सलाह दी कि संक्रमित होने पर घबराएं नहीं, क्योंकि ज्यादातर कोविड मामले हल्की श्रेणी में आते हैं और आसानी से ठीक हो जाते हैं। ऐसे लोगों में खांसी-जुकाम जैसे लक्षण होते हैं। उन्हें तुरंत खुद को अलग कर लेना चाहिए और स्वस्थ भोजन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त अधिकांश मामलों में बिना किसी सहवर्ती रोग के कोविड रोगी आसानी से ठीक हो जाते हैं।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
बताया कि यदि किसी का ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत से कम हो जाता है, तो रोगी को तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के उपचार नहीं करना है। उन्होंने कहा कि एक तरफ स्टेरॉयड जैसी चीजें कोविड रोगियों की मदद करती हैं, और दूसरी ओर वे किसी की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती हैं।

 
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
डॉक्टर ने सिक्स मिनट वॉक टेस्ट लेने का सुझाव दिया। यह टेस्ट बता सकता है कि किसी को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है या नहीं। इस परीक्षण में यदि ऑक्सीजन स्तर गिरता है और 94 से नीचे जाता है तो मरीज को डॉक्टर से परामर्श की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे रोगियों को अपना ऑक्सीजन स्तर ठीक करने के लिए प्रवण स्थिति में लेटना होता है। प्रवण स्थिति में रोगी को नीचे की ओर मुंह करके लिटाया जाता है। हाथ कोहनी से मुड़े होते हैं और आगे की स्थिति में होते हैं।

 

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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
किसी भी मामले में, यदि चार से पांच दिनों के बाद भी कोविड के लक्षण बने रहते हैं, तो व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। डॉ विजय ने बताया कि ऐसी हालत में अस्पताल में भर्ती होने में देरी न करें। कोरोना से कई मौतें मरीजों के अस्पताल में देरी के कारण होती हैं।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
जनता को सूचित किया जाता है कि हेल्पलाइन नंबर 0191 2571616 पर कोविड से संबंधित सभी प्रश्नों और शंकाओं को दूर किया जा सकता है। जनता संभागीय नियंत्रण कक्ष को 0191-2520982, 2549676, 267444, 2674115, 2674908 पर भी कॉल कर सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर सरकार ने गुलिस्तान चैनल पर फोन-इन स्वास्थ्य कार्यक्रम भी शुरू किया है जो सुबह साढे़ आठ से नौ बजे तक और रात साढे़ आठ बजे से रात नौ बजे तक दिन में दो बार प्रसारित होता है। 
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