कश्मीर घाटी में पोस्ट पेड सेवाएं बाधित रहने के दौरान एयरटेल अपने उपभोक्ताओं से प्लान रेंटल चार्ज नहीं वसूलेगी। एयरटेल ने इस संबंधी विज्ञप्ति जारी की है। बता दें, चार अगस्त से लेकर सेवाएं बहाल होने तक उपभोक्ता संपर्क नहीं कर पाए थे लेकिन उन्हें 2500 रुपए तक के भारी भरकम बिल जारी हो गए। इससे वे काफी परेशान हुए। इधर बीएसएनएल की तरफ से भी उपभोक्ताओं को ऐसी ही राहत दी गई है। इसकी एक अधिकारी ने पुष्टि की है।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में पोस्ट पेड मोबाइल सेवा शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही एसएमएस सुविधा पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सरकार ने लगभग 70 दिनों के बाद सोमवार को इंटरनेट विहीन सीमित मोबाइल सेवा शुरू की थी। सोमवार शाम पांच बजे ही एसएमएस पर रोक लगा दी गई। सरकार ने यह कदम कानून-व्यवस्था की मजबूती के मद्दे नजर उठाया है।
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बताया जाता है कि मोबाइल फोन सेवा शुरू होने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को कुछ ऐसे इनपुट मिले थे जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरनाक हो सकते थे। इसे देखते हुए सोमवार शाम पांच बजे ही एसएमएस पर रोक लगा दी गई। हालांकि इसको लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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गौरतलब है कि श्रीनगर समेत घाटी के 10 जिलों में सोमवार को प्रशासन द्वारा 5 अगस्त से बंद पड़ी पोस्ट-पेड मोबाइल सेवाओं को बहाल किया गया था और इसके चलते करीब 40 लाख पोस्ट-पेड मोबाइल फोनों की घंटी करीब दो महीने से ज्यादा समय के बाद बजने लगी थी। हालांकि लगभग 25 लाख प्री पेड मोबाइल धारकों को अभी यह सुविधा शुरू होने का इंतजार है। उधर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कठुआ में कहा था कि इंटरनेट सेवाएं जल्दी ही बहाल की जाएंगी, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इसमें दो महीने का समय लग सकता है।
पांच अगस्त को लागू हुई थी संचार पाबंदी
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की समाप्ति और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले की घोषणा के बाद 5 अगस्त को मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जम्मू में प्रतिबंध के कुछ दिनों बाद ही संचार सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और अगस्त के मध्य में इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी गई थीं परंतु 18 अगस्त को मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं थी। उधर घाटी में सितंबर के मध्य में सभी लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं बहाल कर दी गई थीं।