फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गद्दारों की खैर नहीं: सरकारी नौकर बन देश के खिलाफ साजिश, आतंकी सलाहुद्दीन की औलादें और ये भी हैं शामिल

Sun, 11 Jul 2021 10:56 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 7
आतंकी सैयद सलाहुद्दीन
जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों समेत 11 कर्मचारियों को शनिवार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। ये सभी देशविरोधी गतिविधियों और आतंकियों की मदद में शामिल रहे हैं। सरकार की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान की शरण में पल रहे हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद अहमद शकील और शाहिद यूसुफ टेरर फंडिंग मामले में शामिल रहे हैं। एनआईए ने दोनों को ट्रैक करने के बाद उनका ट्रायल किया था। इसमें पाया गया था कि दोनों हिजबुल के लिए पैसे एकत्रित करते थे। हवाला के जरिये फंड भी ट्रांसफर करते थे।

बर्खास्त होने वालों में एक कुपवाड़ा आईटीआई का अर्दली है जो लश्कर-ए-तैयबा के ओजीडब्ल्यू के रूप में काम करता है। वह आतंकियों को सुरक्षा बलों की मूवमेंट की जानकारी देता था। अनंतनाग के दो शिक्षकों जब्बार अहमद पर्रे और निसार अहमद तांत्रे को देशविरोधी गतिविधियों एवं अलगाववाद को बढ़ावा देने समेत जमात ए इस्लामी व दुख्तरान-ए-मिल्लत जैसे अलगाववादी संगठनों को समर्थन देने के आरोप में बर्खास्त किया गया है। दोनों पर पाकिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप है।
विज्ञापन

2 of 7
आतंकी सैयद सलाहुद्दीन
स्वास्थ्य विभाग के अर्दली नाज मोहम्मद एली की आतंकियों से संबंध के कारण छुट्टी की गई है। वह हिजबुल मुजाहिदीन का ओजीडब्ल्यू था और आतंकी गतिविधियों से उसका सीधा संबंध था। उसने दो खूंखार आतंकियों को अपने घर पर छिपाकर भी रखा था। बिजली विभाग के इंस्पेक्टर शाहीन अहमद लोन को हिजबुल मुजाहिदीन के लिए हथियारों की तस्करी में शामिल पाया गया। उसे पिछले साल जनवरी महीने में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दो आतंकियों के साथ पकड़ा गया था। दो पुलिसकर्मियों को भी बर्खास्त किया गया है।
विज्ञापन

3 of 7
सुरक्षा बल - फोटो : अमर उजाला
बर्खास्त होने वाला पुलिसकर्मी हमले में था शामिल
सूत्रों का कहना है कि बर्खास्त होने वाले पुलिसकर्मियों ने न केवल गोपनीय सूचनाएं आतंकी संगठनों तक पहुंचाई बल्कि एक पुलिसकर्मी तो सुरक्षा बलों पर हमले में भी शामिल रहा।

4 of 7
जम्मू-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
बर्खास्त होने वालों में अनंतनाग के दो सरकारी शिक्षक हैं जो देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। आतंकियों से भी उनका संबंध रहा है। दो पुलिसकर्मियों पर आतंकियों तक विभाग की गोपनीय सूचनाएं पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की गई है। बर्खास्त किए कर्मचारियों में चार अनंतनाग, तीन बडगाम और बारामुला, श्रीनगर, पुलवामा व कुपवाड़ा के एक-एक कर्मचारी है। शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। दो पुलिसकर्मियों के अलावा कृषि, कौशल विकास, बिजली, स्किम्स और स्वास्थ्य विभाग के एक-एक कर्मचारी की सेवा समाप्त की गई है।
विज्ञापन

5 of 7
सुरक्षा बल - फोटो : अमर उजाला
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान, अलगाववाद और आतंकी समर्थकों की पिछली सरकारों में प्रशासन में गहराई तक पहुंच गई जड़ों को एक-एक कर प्रदेश सरकार ने काटना शुरू कर दिया है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसके लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया है। सभी विभागों से संदिग्धों की सूची तलब की गई है। बताया जा रहा है कि फिलहाल 300 से अधिक दागी कर्मचारी चिह्नित किए जा चुके हैं। यह संख्या बढ़ भी सकती है। इनमें सबसे अधिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
जम्मू-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
अब तक जो सूची तैयार की गई है उनमें शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं। ये जमात-ए-इस्लामी के लिए काम करते हैं। साथ ही लोगों खासकर युवाओं में कट्टरता व अलगाववाद का बीज बो रहे हैं। ऐसे लोग सार्वजनिक मंचों से भी लोगों को भड़काने से नहीं चूक रहे हैं। राजस्व विभाग में भी जमात समर्थकों की कमी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सुरक्षा बल - फोटो : फाइल, अमर उजाला
सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहे हैं। यह आतंकी संगठनों तक खुफिया सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही सुरक्षा बलों की अहम जानकारियां भी मुहैया करा रहे हैं। इतना ही नहीं, अलगाववाद और कट्टरता की भावना को जगाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को भड़का रहे हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें