राजोरी पुंछ सीमावर्ती जिलो के आतंकवाद से ग्रस्त और गरीब व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय को खोला गया था।
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हर बार घाटी के विद्यार्थी माहौल करते हैं खराब
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- फोटो : Amar Ujala
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बीजीएसबी विवि को खोला था व उनकी इच्छा थी कि दोनों सीमावर्ती जिलों के विद्यार्थियों के साथ साथ राज्य व बाहरी राज्यों के विद्यार्थी भी इस विवि से शिक्षा प्राप्त करें। लेकिन जब से विवि का गठन हुआ है, तब से ही विवि विवादों के घेरे में रही है।
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हर वर्ष विवि में किसी न किसी बात को लेकर विवाद उठता है और हर बार कश्मीर घाटी के विद्यार्थी माहौल को खराब करते हैं। इससे पहले भी कई बार घाटी के विद्यार्थी विवि में देश विरोधी नारेबाजी करने और लोकल विद्यार्थियों को परेशान करते पाए गए हैं।
हर बार घाटी के विद्यार्थी माहौल करते हैं खराब
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पिछले वर्ष भी विवि में बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के बाद विद्यार्थियों ने हड़ताल शुरू की थी। उस समय भी घाटी के विद्यार्थियों ने हड़ताल के दौरान लोकल विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया था।
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पिछले वर्ष हड़ताल के बाद पैदा हुए तनाव के चलते करीब दो महीने से भी अधिक समय तक विवि बंद रही थी। घाटी के विद्यार्थियों द्वारा हर बार माहौल खराब करने का सीधा प्रभाव राजोरी पुंछ व अन्य लोकल विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है।
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एमएलसी विबोध गुप्ता ने विवि में देश विरोधी नारेबाजी होने और माहौल खराब करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि विवि प्रशासन ऐसे विद्यार्थियों को पहचाने जो हर बार माहौल खराब करते हैं और उन्हें तत्काल विवि से निकाल बाहर करें। पुलिस भी ऐसे विद्यार्थियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे।
वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता शफीक मीर ने विवि में पैदा होने वाले विवाद के पीछे विवि के लोकल स्टाफ को जिम्मेवार ठहराया है। मीर ने कहा कि लोकल स्टाफ ही विद्यार्थियों को उकसाते हैं व उनसे माहौल खराब करवाते हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होती है।