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Muharram in Srinagar: श्रीनगर में 33 साल बाद निकला मुहर्रम का जुलूस, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम, तस्वीरें

Thu, 27 Jul 2023 11:11 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

श्रीनगर में 33 वर्ष बाद शिया समुदाय 8वें मुहर्रम (गुरुवार) के अजादारी का जुलूस सशर्त निकाला। प्रदेश प्रशासन ने श्रीनगर शहर में गुरुबाजार से डलगेट तक मुहर्रम जुलूस निकालने की अनुमति दी।
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Muharram in Srinagar - फोटो : बासित जरगर
जम्मू कश्मीर सरकार ने करीब 33 साल बाद श्रीनगर शहर में गुरुबाजार से डलगेट तक मुहर्रम जुलूस निकालने की अनुमति दी। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अकीदतमंद मुहर्रम के जुलूस में शामिल हुए। 33 वर्ष बाद शिया समुदाय 8वें मुहर्रम (गुरुवार) के अजादारी का जुलूस सशर्त निकाला। इससे पहले शहर में बुधवार को सातवें मुहर्रम का जुलूस निकाला गया।
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Muharram in Srinagar - फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने व्यस्त लाल चौक क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर जुलूस के लिए सुबह छह बजे से आठ बजे तक समय तय किया था। इसके चलते शोक मनाने वाले अकीदतमंद सुबह साढ़े पांच बजे से ही गुरुबाजार में एकत्र होना शुरु हो गए। 90 के दशक में कश्मीर में आतंकवाद फैलने के बाद जुलूस नहीं निकला था।
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Muharram in Kashmir - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने बताया कि जुलूस के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों से शिया समुदाय की मांग थी कि इस जुलूस की अनुमति दी जाए। सरकार द्वारा निर्णय लेने के बाद, हमने इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की।'

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Muharram in Kashmir - फोटो : बासित जरगर
एक अधिकारी ने कहा कि जुलूस की अनुमति देने का प्रशासन का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन से प्रशासन को अन्य मुद्दों पर भी इसी तरह के निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने ऐसा माहौल बनाया है जिससे प्रशासन को यह फैसला लेने में मदद मिली है।
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Srinagar Muharram 2023 - फोटो : बासित जरगर
1989 से जुलूस पर था प्रतिबंध

शिया अजादारी के जुलूसों पर 1989 से प्रतिबंध है। बताया जाता है कि 1989 को ऐसे ही एक बड़े जुलूस में कुछ आतंकी घुस गए थे और इसमें एचएजेवाई ग्रुप यानी तबके नामी आतंकी कमांडर हमीद शेख, अशफाक मजीद, जावेद मीर और यासीन मलिक शामिल थे। जुलूस में देश विरोधी नारेबाजी हुई, जिसको देख तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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Srinagar Muharram 2023 - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर के मंडलायुक्त वीके विधूड़ी ने बुधवार को कहा कि जुलूस के दौरान सभी को इस बात का खयाल रखना है कि वीरवार (8 वां मुहर्रम) वर्किंग डे है और यह रूट (लालचौक) मुख्य रास्ता है। दूसरे लोगों को जुलूस के दौरान कोई दिक्कत न हो इसके कारण इसका समय सुबह 6  से 8 बजे तक रखा गया।   
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