श्रीनगर में आशूरा के अवसर पर निकले ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला शामिल हुए, जहां उन्होंने अकीदतमंदों के बीच जलपान वितरित किया और प्रतीकात्मक ज़ुलजनाह पर चादर चढ़ाई।
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एलजी सिन्हा अकीदतमंदों से किए मुलाकात
- फोटो : बासित जरगर
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को श्रीनगर के पारंपरिक अंदरूनी इलाकों में निकाले गए मुहर्रम के ऐतिहासिक जुलूस में शामिल हुए। आशूरा यानी मुहर्रम महीने के दसवीं तारीख के इस पवित्र और भावुक अवसर पर उपराज्यपाल ने शहर के जडीबल इलाके में पहुंचकर शिया अकीदतमंदों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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एलजी सिन्हा अकीदतमंदों से किए मुलाकात
- फोटो : बासित जरगर
इस दौरान उन्होंने खुद आगे बढ़कर जुलूस में शामिल मातम मनाने वाले लोगों के बीच जलपान और अन्य राहत सामग्री का वितरण भी किया।मिली जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बेहद खास मौके पर प्रतीकात्मक ज़ुलजनाह को पूरे आदर और सम्मान के साथ चादर पेश कर अपना सम्मान व्यक्त किया।
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सीएम उमर अकीदतमंदों से किए मुलाकात
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने जुलूस मार्ग पर मौजूद अकीदतमंदों से बातचीत की और प्रशासन द्वारा उनके लिए किए गए विभिन्न सुरक्षा व जन-सुविधा इंतजामों की जमीनी स्तर पर समीक्षा की।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
- फोटो : बासित जरगर
इस गरिमामयी अवसर पर उ कर्बला के शहीदों को नमन करते हुए उपराज्यपाल ने हजरत इमाम हुसैन और उनके महान साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नके साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात, कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग सहित पुलिस और नागरिक प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
- फोटो : बासित जरगर
कर्बला के शहीदों को नमन करते हुए उपराज्यपाल ने हजरत इमाम हुसैन और उनके महान साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
- फोटो : बासित जरगर
कहा कि शांति, प्रेम और करुणा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए मार्गदर्शक रहेगा जो समानता और आपसी सद्भाव की नींव पर टिका हो।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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हजरत इमाम हुसैन के संदेश को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें निस्वार्थ सेवा और समाज के वंचित वर्ग के प्रति दया भाव रखने की सीख देता है। समाज को उनके नेक जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए हमेशा सत्य, न्याय और मानवता के सीधे रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
- फोटो : बासित जरगर
मुहर्रम के जुलूसों की शुरुआत से ठीक पहले श्रीनगर पुलिस ने आम जनता और इसमें हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जुलूसों में शांति व अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
- फोटो : बासित जरगर
इस एडवाइजरी के जरिए पुलिस प्रशासन ने आयोजन को अत्यधिक शांति, गरिमा और कड़े अनुशासन के साथ संपन्न कराने की पुरजोर अपील की। बयान में कहा गया कि सांप्रदायिक सौहार्द को हर हाल में बनाए रखा जाए।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सड़कों पर सुचारु आवाजाही के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवकों के साथ सहयोग करने की बात कही गई है।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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एडवाइजरी में जुलूस को केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए तय रास्तों पर ही निकाला जाए। पुलिस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जुलूस के दौरान नारेबाजी, भड़काऊ भाषण या ऐसी गतिविधियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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यातायात को बाधित करने, पैदल यात्रियों का रास्ता रोकने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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जुलूस के मैदान में उतरने से पहले ही पुलिस ने यह साफ कर दिया था कि किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ बैनर, पोस्टर, तख्तियां और झंडे प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे।
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श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति पूर्ण सम्मान जताने का निर्देश देते हुए किसी भी अन्य देश, संगठन या समूह के झंडे या प्रतीकों के इस्तेमाल और उनके महिमामंडन को प्रतिबंधित किया है।
श्रीनगर में ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस
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एडवाइजरी के अंत में पुलिस ने दोहराया था कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी हरकत के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा, और जनता के इसी पूर्व सहयोग से मुहर्रम को शांति, सम्मान तथा आपसी सद्भाव के साथ सुरक्षित रूप से संपन्न कराया जा सकेगा।