श्रीनगर के जबर्वान पार्क में गैर-सरकारी संस्था वोमेध की तरफ से नवरेह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति देते हुए कश्मीर पंडितों की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया।
नवरेह महोत्सव यानी नए साल का जश्न इस बार दो अप्रैल को मनाया जाना है। इसे लेकर देशभर से कश्मीरी पंडित घाटी में पहुंचना शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को श्रीनगर के जबर्वान पार्क में गैर-सरकारी संस्था वोमेध की तरफ से नवरेह महोत्सव का आयोजन किया गया। संस्था के सदस्यों ने रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति देते हुए कश्मीर पंडितों की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया। तस्वीरों में देखें, कार्यक्रम की झलक...
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Navreh Festival 2022
- फोटो : बासित जरगर
अपने कार्यक्रम के दौरान संस्था ने उम्मीद जताई कि कश्मीर घाटी में हिंसा खत्म होगी और एक बार फिर अमन के साथ सभी समुदायों के लोग मिलजुल कर रहेंगे। बता दें, 'वोमेध' एक कश्मीरी शब्द है, जिसका मतलब है, उम्मीद।
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- फोटो : बासित जरगर
कार्यक्रम में आए कश्मीरी पंडितों ने बताया कि घाटी में करीब 32 साल बाद नवरेह महोत्सव को लेकर रौनक लौटी है।
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महोत्सव में 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराने और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सम्मान, सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाने का प्रयास किया गया।