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Jammu Kashmir Weather: कश्मीर में आज से चिल्ले कलां, भीषण शीत लहर की चपेट में घाटी, जल स्रोत जमे

Thu, 21 Dec 2023 11:07 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

कश्मीर घाटी में 40 दिन के भीषण ठंड का दौर चिल्ले कलां गुरुवार से शुरू हो रहा है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। इसका असर दिखना शुरू हो गया है।
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घाटी में घूमने पहुंचे पर्यटक - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर घाटी में 40 दिन की भीषण ठंड का दौर चिल्ले कलां गुरुवार से शुरू हो रहा है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। इसका असर दिखना शुरू हो गया है। पूरे कश्मीर में न्यूनतम तापमान रात भर शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया, जिससे निवासियों को कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
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घाटी में जमने लगा पानी - फोटो : बासित जरगर
घाटी में चिल्ले कलां के समय को सर्दियों का सबसे कठिन समय माना जाता है। बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है। पर्यटकों को यह दौर खूब भाता है। गुलमर्ग, सोनमर्ग से लेकर घाटी का प्रत्येक पर्यटन स्थल सैलानियों से पटा है।
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घाटी में बिखरी पड़ी बर्फ - फोटो : बासित जरगर
क्या होता है चिल्ले कलां

चिल्ले कलां फारसी का शब्द है, जिसका अर्थ है भीषण ठंड। यह तीन चरणों में होता है। इसे चिल्ले कलां, चिल्ले खुर्द और चिल्ले बच्चा कहा जाता है। बता दें कि सर्दियों के भीषण 40 दिन के बाद चिल्ले खुर्द की शुरुआत होती है जो 20 दिन तक चलता है। फर्क इतना होता है कि इसमें ठंड चिल्ले कलां से थोड़ी कम होती है। आखिर में आता है चिल्ले बच्चा, जोकि 10 दिन का होता है और इस दौरान सर्दी सबसे कम होती है।

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यादों को कैमरे में कैद करते पर्यटक - फोटो : बासित जरगर
घाटी इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। मौसम विभाग ने घाटी में अगले कुछ दिनों में आम तौर पर शुष्क मौसम का पूर्वानुमान लगाया है। तापमान में अचानक गिरावट के कारण धीमी गति से चलने वाले कई जलस्रोत जम गए हैं। इसके परिणामस्वरूप कुछ इलाकों में जलापूर्ति पाइप भी जम गए हैं।
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Snowfall in Gulmarg - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति अनियमित होने के कारण, लोगों ने ठंड से बचने के लिए कांगड़ी (रिवायती मिट्टी के बर्तन) का सहारा लेते नजर आए। तापमान में गिरावट के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। 
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