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जम्मू-कश्मीर: भीषण गर्मी के बीच बिजली कट से बिगड़ रही कोरोना मरीजों की हालत, जानिए ऐसे कई मामले

Fri, 11 Jun 2021 07:20 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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प्रतिकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
43 डिग्री पारा और घंटों की बिजली की अघोषित कटौती के बीच हर किसी का बेहाल होना लाजमी है।  पिछले कुछ दिनों से ऐसी परिस्थितियों में सबसे अधिक कोरोना के कारण घरों में आइसोलेट हुए मरीजों को प्रभावित होना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों में एक्यूट स्ट्रेस रिएक्शन की समस्या बढ़ी है। ऐसे मरीजों में चिड़चिड़ापन, एंजाइटी, बेचैनी, घबराहट, गुस्सा, उदासी, नींद प्रभावित हुई है। ऐसे मरीजों के संक्रमित होने के कारण उनका दूसरे पर्यावरण में भी खुलकर रहना संभव नहीं है, जिससे एक ही कमरे में बंद होने के कारण ऐसे मरीजों की हालत बिगड़ रही है। इसी तरह आम लोगों में ऐसी परिस्थितियों में  डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। घर में आइसोलेट कोरोना संक्रमित में एक्यूट स्ट्रेस रिएक्शन की समस्या बढ़ती जा रही है। वहीं पहले से मानसिक रोगों से पीड़ितों की सेहत भी खराब हुई  है।
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कोरोना टेस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
केस 1- जानीपुर निवासी रोशन लाल गत 4 जून को कोविड संक्रमित हुए थे। लक्षण कम होने के कारण वह घर पर ही एक कमरे में आइसोलेट थे। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और बिजली की अघोषित कटौती ने उनकी हालत खराब कर दी है। घबराहट और बेचैनी उन पर हावी है। ऐसी परिस्थितियों में उनके परिवार वाले भी परेशान हो गए हैं। उनकी मजबूरी है कि उनके संक्रमित होने के कारण उन्हें सबके साथ बिठाया भी नहीं जा सकता है।
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बिजली की समस्या - फोटो : अमर उजाला
केस 2- छन्नी हिम्मत निवासी 70 वर्षीय बिमला रानी भी कुछ दिन पहले कोविड संक्रमित होने के कारण घर पर ही आइसोलेट हैं। घर पर सीमित जगह होने के कारण उन्हें अलग से एक कमरे में रखा गया है। भीषण गर्मी और निरंतर बिजली कट से उनकी हालत खराब हुई है। घर पर इनवरटर भी जवाब दे रहा है, जिससे मरीज को बेहतर वातावरण नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित के पसीने से तरबतर होने पर परिवारवालों को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि ऐसी स्थिति में उनकी हालत में कैसे सुधार लाया जाए।

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बिजली की तारें - फोटो : अमर उजाला
मरीजों का टूट रहा संयम
कोविड संक्रमित होने पर घरों पर आइसोलेट हुए बड़ी संख्या में मरीजों का भीषण गर्मी और बिजली की अघोषित कटौती के बीच संयम टूट रहा है। उनके लिए मनोरंजन के साधनों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों में लैपटाप, मोबाइलभी नहीं मिल रहे हैं। निरंतर कटौती के कारण वे चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इसी तरह आम लोगों में रिएक्टिव डिप्रेशन में मौजूदा परिस्थितियों में गुस्सा हावी हुआ है। तनाव बढ़ा है। इन सारी परिस्थितियों में रात्रि में अधिक कटौती होने के कारण नींद बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिससे दिनचर्या गड़बड़ा गई है।
 
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तनाव मुक्त - फोटो : सोशल मीडिया
मानसिक रोगों से ग्रस्त अधिक प्रभावित
भीषण गर्मी और बिजली की निरंतर कटौती से पहले से मानसिक रोगों से ग्रस्त मरीजों की हालत भी बिगड़ी है। इसके साथ पहले से मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों की हालत भी खराब हो रही है। एंजाइटी, मेनिया, फोबिया, स्कीजोफ्रेमिया, डिप्रेशन आदि से पीड़ित रोगियों की परेशानी बढ़ी है।
 
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doctors logo - फोटो : सोशल मीडिया
खुद को परिस्थितियों के अनुकूल बनाएं और संयम रखें
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जगदीश थापा के अनुसार जून माहमें सामान्य में अधिक गर्मी होती रही है। लेकिन भीषण गर्मी के साथ निरंतर बिजली कटौती से परेशानी बढ़ जाती है। लोगों और खासतौर पर घरों पर आइसोलेट हुए कोविड मरीजों को मौजूदा परिस्थितियों के अनुकूल अपनी दिनचर्या पर काम करना चाहिए। इसमें खासतौर पर खुद पर संयम बनाए रखे और तनाव को दूर रखने के प्रयास करें। ऐसे पीड़ितों को राहत देने के लिए सभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएं। इसके साथ सीधी धूप में जाने से परहेज करें। धूप के कारण होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानियों के समाधान के लिए संबंधित डाक्टर से परामर्श करें। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खासतौर पर फोन पर ऐसे बड़ी संख्या में पीड़ितों ने उनसे परामर्श लिया है। इसके अलावा क्लीनिकों और अस्पतालों मेंभी ऐसी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।

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