जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए सरकार ने 31 जुलाई के बाद टीका लगवा चुके सीमित संख्या में स्टाफ व विद्यार्थियों के लिए चरणबद्ध तरीके से हायर सेकेंडरी स्कूलों व कौशल विकास केंद्रों को खोलने का फैसला लिया है। वहीं निजी शिक्षण संस्थानों में टीका लगवा चुके सीमित संख्या में स्टाफ को प्रशासनिक कार्यों के लिए संस्थानों में आकर कामकाज करने की भी अनुमति दी गई है। मुख्य सचिव एवं आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारी कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए। कमेटी ने उपायुक्तों से कहा कि वह 19 और 20 जुलाई को स्थिति का आकलन करें व व्यावसायिक संस्थानों में भीड़ कम जुटे इसके लिए सुबह सात के बजाए सुबह छह बजे ही दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। ऐसा अभी केवल दो दिन के लिए ही करने की अनुमति दी गई है।
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कोरोना पॉजिटिव
- फोटो : अमर उजाला
उपायुक्तों से कहा गया है कि सार्वजनिक व निजी कार्यालयों, सामुदायिक भवनों, मॉल, बाजारों आदि में अगर साप्ताहिक कोरोना पॉजिटिविटी रेट चार फीसदी से ज्यादा हो तो कड़े नियंत्रण उपाय लागू करें।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल हेल्थ मिशन के प्रबंध निदेशक को उपायुक्तों से परामर्श कर पंचायत स्तर पर पॉजिटिविटी रेट पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
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कोरोना में जम्मू-कश्मीर का बाजार
- फोटो : संजय कुमार
उपायुक्तों को कहा गया है कि लोग एसओपी का पालन करें, इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा, मंडलायुक्त, जिला उपायुक्तों के अलावा पुलिस अधीक्षक व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।