फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनाई शीतलाष्टमी, अब न खाएं ठंडा और बासी

Mon, 20 Mar 2017 03:08 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
1 of 5
शीतला माता का मेला - फोटो : अमर उजाला
शीतलाष्टमी के उत्सव पर चाकसू में शीतला माता के मंदिर में लक्खी मेला आयोजित किया गया। मेले में श्रद्धा की बयार देखने को मिली। अलसुबह से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्त लंबी-लंबी कतारों में माता को भोग लगाने का इंतजार करते रहे। माता की पूजा करने के साथ ही श्रद्धालुओं ने अपने मन की मुराद मांगी। मंदिर तक पहुंचने के लिए ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर यहां तक पहुंचे। भक्तों में माता को ठंडे पदार्थों का भोग लगाया और सुख समृद्धि की कामना की।
Trending Videos
विज्ञापन

तीन सौ मीटर ऊंचाई पर है मंदिर

2 of 5
शीतला माता का मेला - फोटो : अमर उजाला
तीन सौ मीटर की उंचाई पर स्थित शील माता का मंदिर 500 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित है। जिनमें माता के गुणगान का उल्लेख है। यह मंदिर जिस पहाड़ी पर बना हुआ है वह भी अनोखी है। इस पहाड़ी का पत्थर माता की मूर्ति के रूप में पूजता है।  इस पत्थर की बनावट को माता के रूप में जाना जाता है।

 
विज्ञापन

अलग अलग इलाकों से आते हैं लोग

3 of 5
शीतला माता का मेला - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को जयपुर, सांगानेर, वाटिका, शिवदासपुरा, निवाई, टोंक, देवली आदि आसपास के इलाकों से जीप, ट्र्रेक्टर ट्रॉली, उंट गाड़ी में बैठकर बड़ी संख्या में ग्रामीण माता के गीत गाते हुए यहां पहुंचे। कई पैदल यात्राएं भी आसपास के इलाकों से पहुंची। शहरी इलाकों से भी बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए मेले में आए।

भोग लगाने को उमड़े वोह

4 of 5
शीतला माता का मेला - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में आने वाले भक्तों ने माता को ठंडे पदार्थों का भोग लगाया गया। माता की पूजा करने आए लोग अपने साथ ठंडे व्यंजन लेकर आए। लोगों ने पुएं, पकौड़ी घर से बनाकर लाकर माता को भोग लगाया। इसके बाद ठंडे व्यंजनों का ही मंदिर परिसर में बैठकर प्रसाद भी लिया। भक्त पहाड़ी पर बैठकर आराम करते भी दिखे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन ने भी किए खास इंतजाम

5 of 5
शीतला माता का मेला - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में लाखों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी इसके लिए पूरी तैयारी की। पहाड़ी पर स्थित मंदिर के लिए नीचे से ही  कतारें लगाई गई। इन कतारबद्ध होकर लोग माता के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। इसके साथ ही मंदिर परिसर के आस पास बाजार भी सजाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें