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कोई बनना चाहता था आरएएस कोई वकील, पलभर में खाक हो गई इन 4 बच्चों की जिंदगी

Mon, 15 Jan 2018 01:57 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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jaipur cylinder blast - फोटो : Amar Ujala
आंखों में था भविष्य में कुछ खास बनने का सपना। चारों बच्चे उसकी तैयारी भी कर रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।  उनका यह सपना पूरी तरह नींद टूटने से पहले खाक हो गया। राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर के सेक्टर 9 में संजीव गर्ग के मकान में 13 जनवरी को तड़के लगी भीषण आग लगी। इस दर्दनाक हादसे में उनके एक बेटे, दो बेटियां, पिता और भांजे की मौत हो गई। 
 
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आरएएस बनना चाहती थी अपूर्वा, लॉ कर रहा था शौर्य

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jaipur cylinder blast - फोटो : Amar Ujala
संजीव की 23 वर्षीय सबसे बड़ी बेटी अपूर्व आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) की तैयारी कर रही थी वहीं उनकी छोटी बेटी अर्पित (21) सेंट जेवियर कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थी। संजीव गर्ग का छोटा बेटा अनिमेश (17) दिल्ली पब्लिक स्कूल में 11 वीं का छात्र था और उनका भांजा शौर्य (20) लॉ की पढ़ाई करके नामी वकील बनना चाहता था। 
 
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पैसे कमा लूंगा घर बना लूंंगा, बच्चे कहां से लाउंगा, पथराए से मां बाप बोले

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jaipur cylinder blast - फोटो : Amar Ujala
परिवार के 4 सदस्यों को एक साथ मुखाग्नि देने के बाद परिवार के मुखिया संजीव गर्ग ने जब कहा, 'पैसे तो मैं और कमा लूंगा, बच्चे कहां से लाउंगा...' सुनकर वहां मौजूद लोगों के आंसू निकल पड़े। भांजे शौर्य का अंतिम संस्कार कल उसके मां-पिता के आने के बाद हुआ।

संजीव बोले 'सब जल जाने दो बस मेरे बच्चे वापस ले आओ'

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jaipur cylinder blast - फोटो : Amar Ujala
अपने पिता समेत बच्चों को खोने वाले व्यापारी संजीव गर्ग और उनकी पत्नी को बहुत ही मुश्किल से ढांढस बंधाई जा रही है। संजीव ने जब मृतकों की डेडबॉडी घर आई थी तो उन्हें देखकर कहा था कि सब जल जाने दो बस मेरे पिता और बच्चों को वापस ले आओ।
 
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काली पड़ी दीवारों को साफ किया तो निकल आईं ये यादें

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jaipur cylinder blast - फोटो : Amar Ujala
आग से खाक हुआ संजीव गर्ग के मकान की रविवार से सफाई शुरू हुई तो काली पड़ चुकी दीवारों को जब साफ किया गया तो उनमें से यादें निकलकर बाहर आ गई। सफाई के दौरान संजीव गर्ग भी मौजूद थे जो बस दीवारों को देखते हुए केवल रोए जा रहे थे। 
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