स्वास्थ्य के क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपए का व्यय करने वाली सरकार लंबे समय से एक वायरस के आगे बेबस नजर आ रही है। नतीजतन यह वायरस राजस्थान में बीते करीब डेढ़ माह में 88 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। वायरस एच1एन1 का प्रकोप राजस्थान में इतना भीषण है कि बीते वर्ष एक विधायक की भी इसके कारण जान जा चुकी है। वहीं मंगलवार को एक और महिला विधायक में इस वायरस की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया है। गौर करने वाली बात यह है जब जालौर से विधायक अमृता मेघवाल की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई तब वह विधानसभा में थी।
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बीते वर्ष हुई थी महिला विधायक की मौत
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कीर्ति कुमारी
राजस्थान में बीते वर्ष मांडलगढ़ से भाजपा विधायक रही कीर्ति कुमारी की भी स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। देश में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव में नंबर वन राज्य राजस्थान में प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारी भी बड़ी संख्या में इस वायरस की चपेट में आ चुके है। जबकि राजस्थान के मुख्य सचिव एनसी गोयल सहित कई विधायक भी इस वायरस का शिकार हुए है।
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अब सभी की होगी जांच
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फाइल फोटो।
जालौर से विधायक अमृता मेघवाल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब राजस्थान विधानसभा सहित अन्य स्थानों पर उनसे संपर्क में आए सभी लोगों की जांच होगी। जानकारी के अनुसार अमृता मेघवाल को कई दिनों से बुखार था। जिसके बाद उन्होंने विधानसभा की डिस्पेंसरी में ही जांच करवाई थी। जिसके बाद उनके सैम्पल एसएमएस अस्पताल भेजे गए थे। जहां से चिकित्सकों ने उनको यह जानकारी मैसेज के माध्यम से दी।
अब तक 976 पॉजिटिव
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स्वाइन फ्लू
अब तक 976 पॉजिटिव
गौरतलब है राजस्थान लंबे समय से स्वाइन फ्लू का कहर है। जानकारी के अनुसार इस वर्ष में अब तक करीब 976 पॉजिटिव सामने आ चुके है। जबकि 88 लोगों की स्वाइन फ्लू के कारण मौत हो चुकी है। वहीं राजस्थान सरकार का स्वास्थ्य विभाग केवल स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के दावे और आवश्यक कदम उठाने की बात ही कहता नजर आ रहा है।
जयपुर के कार्यवाहक जिला कलक्टर ने कुछ दिन पूर्व जयपुर के सरकारी और निजी स्कूलों में आगामी आदेशों तक प्रार्थना सभाओं पर रोक लगा दी है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों के लिए पाबंद करने को कहा गया है। साथ ही स्वाइन फ्लू को लेकर तमाम स्कूलों में अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। वहीं जिला कलक्टर के इस निर्देश के बाद बच्चों व परिजनों में भय का माहौल है।