भाजपा को वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली जीत में सोशल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इस माह के प्रारंभ में आए राजस्थान उपचुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया राजस्थान भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दरअसल उपचुनाव के बाद भाजपा में मची सिर फुटौव्वल खुलकर सामने आ रही है। यहां मुख्यमंत्री सहित भाजपा सरकार के मंत्री और विधायक को वायरल हो रहे वीडियो और आॅडियो पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गए है।
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मुख्यमंत्री राजे भी घिरी
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वसुंधरा राजे
दरअसल 12 फरवरी को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान का बजट पेश किया था। जिसमें ढेर सारे लोक—लुभावन वादे किए गए है। जब मुख्यमंत्री राजे से इन घोषणाओं को पूरा होने की गारंटी पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा वादे पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है। इसके बाद मुख्यमंत्री राजे का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री से सवाल इसलिए भी किया गया था क्योंकि कुछ माह बाद राजस्थान में विधानसभा चुनाव प्रस्तवित है। ऐसे में इतनी सारी घोषणाएं पूर्ण कैसे होंगी।
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भाजपा विधायक का आॅडियो वायरल
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ज्ञानदेव आहूजा
विवादों में रहने वाले भाजपा के विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया का शिकार बन चुके है। वायरल हुआ उनका आॅडियो राजस्थान में हुए उपचुनाव से ठीक पहले का बताया जा रहा है। जिसमें वे एक कार्यकर्ता से कहते सुनाई दे रहे है सीएम राजे और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को नहीं बदला तो हालत बुरी होगी। इस आॅडियो में वे भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के सबंध में लिखे गए पत्र का भी उल्लेख कर रहे है।
डर्टी पिक्चर के कारण ये मंत्री भी विवादों में
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कालीचरण सराफ
वहीं नया विवाद मंगलवार को पैदा हुआ है। जब सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति के खुले में लघुशंका करने की फोटो वायरल हुई। वायरल करने वालों का दावा है कि ये जनाब राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ है। इस फोटो में एक सरकारी गाड़ी और स्वास्थ्य मंत्री का सहायक भी नजर आने की बात कही जा रही है। इस फोटो के बाद स्वच्छ भारत अभियान का माखौल उड़ाने वाले सराफ भी सोशल मीडिया में निशाने पर है।
उपचुनाव के बाद से राजस्थान में सरकार और भाजपा संगठन में बदलाव की बात हो रही है। लेकिन भाजपा आलाकमान ने इसके कोई संकेत नहीं दिए है। वहीं वसुंधरा राजे के भाजपा में ही विरोधी अब अपनी ही सरकार को गलत नीतियों के लिए घेरने लगे है। इसके अतिरिक्त पार्टी में गुटबाजी भी खुलकर सामने आ रही है।