भारतीय रेलवे दुनिया में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इंडियन रेलवे जहां तकनीकि रुप से बदल रहा है वहीं वह सामजिक मानसिकता को भी बदलने का प्रयास कर रहा है। जहां एक ओर भारतीय राजनेता केवल महिला सशक्तिकरण के वादों तक सीमित है वहीं दूसरी ओर भारतीय रेलवे महिला सशक्तिकरण के लिए पूर्ण प्रयासरत दिख रहा है।
इसी का नतीजा है कि दो माह के भीतर इंडियन रेलवे ने अपने दूसरे स्टेशन को पूर्ण रुप से महिलाओं के हवाले कर दिया है। महिलाओं पर विश्वास दिखाते रेलवे ने यह सफल कहानी दोहराई है जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर है। इससे पूर्व इंडियन रेलवे पिछले वर्ष जुलाई में सेंट्रल रेलवे में आने वाले माटुंगा रेलवे स्टेशन की कमान भी पूर्ण रुप से महिलाओं के हाथों में सौंप चुका है।
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41 महिलाएं संचालित कर रही स्टेशन
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फाइल फोटो।
माटुंगा देश का ऐसा पहला रेलवे स्टेशन था जिसका पूर्ण संचालन महिलाओं के हाथों में है। बीते वर्ष जुलाई में सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर डी के शर्मा की पहल के बाद देश में इस अनूठी परंपरा की शुरुआत हो सकी थीं इस स्टेशन पर 41 महिला कर्मचारी तैनात है। जिसमें प्रमुख रुप से 17 कर्मचारी आॅपरेशन व कमर्शियल ड्यूटी पर, 6 कर्मचारी आरपीएफ में जबकि 8 महिला कर्मचारी टिकिट चैकिंग में तैनात है। इसके अतिरिक्त स्टेशन के अन्य कार्य भी महिलाओं के ही जिम्मे है।
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लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड में
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माटुंगा
माटुंगा रेलवे स्टेशन को इस वर्ष जनवरी में लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। स्टेशन को यह उपलब्धि इस अनूठी पहल के कारण ही मिल सकी है। यहां 41 महिला कर्मचारियों का स्टाफ स्टेशन मैनेजर ममता कुलकुर्णी के नेतृत्व में बखूबी स्टेशन का सफल संचालन कर रहा है। गौरतलब है कि मुम्बई में स्थित माटुंगा रेलवे स्टेशन सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है।
यह बना देश का दूसरा स्टेशन
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फाइल फोटो।
महिलाओं को उनकी शक्ति से पहचान कराने के लिए इंडियन रेलवे ने जयपुर स्थित गांधी नगर रेलवे स्टेशन को महिला स्टॉफ के हवाले किया है। रेलवे के अधिकारियों को पूर्ण विश्वास है कि स्टेशन का संचालन इस पहले के बाद और भी बेहतर तरीके से होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएम टी पी सिंह की पहल के बाद सोमवार को इसे स्टेशन की पूर्ण कमान महिलाओं को सौंप दी गई।
गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर 32 महिलाओं का स्टॉफ नियुक्त किया गया है। यहां स्टेशन मास्टर नीलम जाटव होंगी। जबकि आरपीएफ की निरीक्षक कविता होंगी। गौरतलब है कि गांधी नगर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 45 से ज्यादा ट्रेनें निकलती है। जबकि 25 ट्रेनों का यहा प्रतिदिन ठहराव होता है। इस स्टेशन का संचालन सहज तरीके से हो सके इसलिए रेलवे यहां महिला कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देगा।