प्राइवेट बसें मौत बनकर दौड़ रही हैं। हाल में ओवरटेकिंग के प्रयास में एक बस नदी में गिरी थी, वहीं अाज एक बस ट्रौले से टकरा गई। नदी में गिरी बस में 33 लोगों की मौत हो गई थी। आज सुबह फतेहपुर राजस्थान लोक परिवहन की बस ड्र्राइवर की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। सीकर जिले में हुए हादसे में 11 जनों की दर्दनाक मौत हो गई।
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तेज गति और लापरवाही
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दुर्घटना स्थल
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा का प्रमुख कारण तेज गति रही। जिसके कारण बस सामने से आ रहे ट्रोले से जा टकराई। हादसा इतना भयावह था कि बस दो हिस्सों में टूट गई। नेशनल हाइवे 11 पर हुई इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के शव बस में बुरी तरह फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई शवों इतने क्षत—विक्षत हो गए है कि उनकी पहचान भी मुश्किल है।
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घायल जयपुर रैफर
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सीकर
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन की मदद के लिए आगे आए स्थानीय लोगों ने बताया कि बस के कई हिस्सों को काटकर शवों को निकाला गया है। दुर्घटना में करीब 25 से ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हुए है। जिन्हें पहले फतेहपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सभी को जयपुर के लिए रैफर कर दिया गया है।
नहीं हो पा रही है शवों की पहचान
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सीकर
वहीं जब घायलों को फतेहपुर अस्पताल लाया गया तो चीख पुकार मच गई। अपनों की तलाश में अस्पताल पहुंचे परिजन के लिए शवों की पहचान करना काफी मुश्किल था। पुलिस ने भी कुछ शवों की पहचान उनके पास मिले पहचान कार्ड के आधार पर की है। सीकर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर से परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतकों को परिजनों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने का जिला प्रशासन ने ऐलान किया है। जबकि घायलों को दस हजार रुपए दिए जाएंगे।
हादसे के कारण नेशनल हाइवे 11 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं हादसे का कारण शुरुआत तौर पर ड्राइवर की लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच प्रारंभ कर दी गई है। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए है।