संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर बवाल अभी थमा नहीं है। बुधवार को करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने एक बार पुन: दोहराया कि वे फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। वहीं अब राजस्थान सरकार पर फिल्म बैन करने को लेकर दबाव बढ़ने लगा है। साथ ही राजस्थान में बच्चों को जो इतिहास पढ़ाया जा रहा है उसमें वही तथ्य सम्मलित है, जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है।
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ये हैं विवाद के आईने
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राजस्थान के सीनियर सैकेण्डरी के छात्रों को जो इतिहास पढ़ाया जा रहा है उसमें अलाउद्दीन खिलजी के रानी पद्मिनी को शीशे में देखने की बात पढ़ाई जा रही है। करणी सेना के अनुसार यह विवादित तथ्य है। गौरतलब है पूर्व में करणी सेना के सदस्य चित्तौड़ दुर्ग में लगे आईनों को विवादित बताते हुए तोड़ चुके हैं।
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पर्यटन विभाग भी पीछे नहीं
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इसके अतिरिक्त राजस्थान पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी भी राजपूत समाज व अन्य लोगों की आंखों में खटक रही है। इसके अतिरिक्त महारानी पद्मिनी के बारे में जो जानकारी चित्तौड़ दुर्ग में आयोजित होने वाले लाइट एंड व साउंड शो में दी जाती है, वह भी विवादित तथ्य है। ऐसा आरोप करणी सेना पूर्व में कई बार लगा चुकी है और इसे बंद करने लिए ज्ञापन भी दे चुकी है।
कुछ राज्यों में पूरी तरह बैन, लेकिन यहां लगाई शर्तें
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वहीं राजस्थान सरकार के अनुसार यदि किताबों में सम्मलित इतिहास विवादित है तो उसे संशोधित किया जाएगा। गौरतलब है कि अभी राजस्थान सरकार यूपी, पंजाब, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर फिल्म को राज्य में बैन भी नहीं किया है। राजस्थान की मुख्यमंत्री बैन के संदर्भ में कह चुकी है यदि विवादित तथ्य फिल्म से हटा दिए जाते है तो फिल्म का प्रदर्शन राजस्थान में होगा।
जबकि जिन राज्यों में फिल्म बैन हुई है उन्होंने विवादित हिस्से हटने के बाद भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने बुधवार को फिल्म बैन के आदेश जारी किए। हालांकि पद्मावती फिल्म अब एक दिसंबर को रिलीज नहीं हो रही है। निर्माताओं ने अभी तक नई तारीख का ऐलान नहीं किया है।