एक विवादित शिलाखंड पर पूजा-अर्चना की अनुमति नहीं देना प्रशासन के लिए गलफांस बन गया है। दरअसल जयपुर के नजदीक स्थित बूंदी जिला चार दिनों से बंद है। यहां स्थित मानधाता छतरी पर पूजा को लेकर हिन्दु महासभा और जिला प्रशासन के बीच ठन गई। नतीजतन हिन्दु महासभा और विभिन्न संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक विवादित स्थल पर दीपक नहीं जलेगा तक तब बाजार नहीं खुलेंगे। आज भी बूंदी में बाजार खुलने की संभावना नहीं है।
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मेले को लेकर चिंता बढ़ी
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नहीं माने व्यापारी
वहीं बूंदी शहर के नजदीक स्थित चौथमाता मंदिर में पांच जनवरी से मेला प्रारंभ हो रहा है। इस मेले में करीब दो लाख लोग दर्शनों के लिए आते है। लेकिन बाजार बंद के चलते यहां आाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जिला प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में सुलह चाहता है। विवाद निपटाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ आला अधिकारी लगातार व्यापारियों व हिन्दु महासभा के प्रतिनिधयों से वार्ता कर रहे है।
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बुधवार को हुई बैठक
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बूंदी
हिन्दु महासभा की अगुवाई में हो रहे इस आंदोलन को लेकर बुधवार को बैठक हुई। जिसमें नागा संत रामलखनदास भी मौजूद थे। बैठक में निर्णय किया गया है कि जब तक रामलक्ष्मणदास मानधाता बालाजी की प्रतिमा पर विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ नहीं होगी तब तक बाजार बंद रहेंगे। वहीं हिन्दु महासभा ने हिरासत में लिए गए लोगों को भी रिहा करने की मांग की है।
लाठीचार्ज के बाद बिगड़ा माहौल
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सोमवार को हुई थी हिंसा
इससे पूर्व सोमवार को विवादित स्थल पर पूजा-अर्चना के लिए जाते हजारों लोगों व संतों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। पहले बूंदी शहर और उसके बाद जिले के कई कस्बों के व्यपारियों ने विवाद नहीं सुलझने तक बाजार बंद का निर्णय कर लिया। बंद के कारण आमजन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही बूंदी बार ऐसोसिएशन भी लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई। बंद के देखते हुए जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। साथ ही प्रशासन ने इंटरनेट पर भी रोक लगाई हुई है। सुरक्षा के लिए कोटा रेंज आईजी सहित कई अधिकारी बूंदी में ही डेरा डाले हुए है।