विवादित शिलाखंड की पूजा नहीं करने का विरोध बेकाबू हो गया है। संतों की रिहाई पर प्रदर्शनकारी अड़े हुए हैं। बीते दो दिन से राजस्थान का बूंदी शहर बंद है। यहीं नहीं धारा 144 लागू होने के बाद भी मंगलवार को दिनभर आगजनी और पत्थरबाजी का दौर जारी रहा। इससे पूर्व सोमवार को भड़की हिंसा और पुलिस की गिरफ्तारी के विरोध में हिन्दु महासभा की ओर से अनिश्चितकाल के लिए बूंदी बंद का आह्वान किया गया था। लेकिन मंगलवार को हालात इतने बिगड़े की हुड़दंगियों ने महासभा के नेताओं की बात भी नहीं मानी और शहर में जमकर उत्पात मचाया।
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बाजार और इंटरनेट बंद
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बूंदी में प्रदर्शन
इसके बाद हिन्दु महासभा के नेताओं से वार्ता कर पुलिस ने बाजार खुलवाने का ऐलान करवाया। लेकिन हुड़दंगियों से डरे व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली। वहीं जिला कलक्टर व आईजी की समझाइश के बाद आज बूंदी में जनजीवन सामान्य हो सकता है। हालात को देखते हुए बूंदी में पांच जनवरी तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है। वहीं बिगड़े हालातों का असर बूंदी सहित अन्य चार कस्बों में भी देखा जा रहा है।
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प्रशासन के खिलाफ विरोध
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बूंदी में बाजार बंद
मंगलवार को बूंदी के अतिरिक्त हिंडौली कस्बे में बंद रहा। जबकि आज चार कस्बों के व्यापारियों ने लाठीचार्ज और पूजा नहीं करने देने के विरोध में बंद का ऐलान किया है। बूंदी में बिगड़े हालात पर अब राजनीति भी तेज हो गई। मारपीट और लाठीचार्ज के दौरान स्थानीय भाजपा नेताओं को भी चोट आयी है। जिसके परिणामस्वरुप लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी रोष है। वहीं वकील भी अब प्रशासन के खिलाफ विरोध में उतर आए है।
राजनीति भी हुई प्रारंभ
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बूंदी में प्रदर्शन
मंगलवार को बूंदी बार ऐसोसिएशन की बैठक में दोषी अधिकारियों को खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। गौरतलब है सोमवार को हुए लाठीचार्ज में ऐसोसिएशन के सचिव अमित निम्बार्क को भी चोट आयी थी। इसके अतिरिक्त विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता ने भी मंगलवार को बैठक की। इनके नेताओं का कहना है कि यदि हिरासत में लिए गए संत लखनदास और अन्य संतो व हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं को नहीं रिहा किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
वहीं दो दिन से बूंदी में बिगड़े हालातों को नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल के अतिरिक्त एसटीएफ को भी तैनात किया गया। कोटा रेंज के आईजी का कहना है 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो आगजनी और पत्थरबाजी में शामिल थे। इन लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।