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लाशों के ढेर में बदला शादी वाला घर, मलबे से एक-एक कर निकल रही थीं लाशें

Sun, 18 Feb 2018 05:30 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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घटना स्थल, ब्यावर - फोटो : अमर उजाला
शादी समारोह की खुशियों के बीच एक इतना बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया कि शहनाई अब मातम में बदल गई है और शादी वाले घर में लाशों का ढेर लगा है। जहां से धूमधाम से बारात निकलनी थी वहां से दबी-कुचली और क्षत-विक्षत लाशें निकल रही हैं। अजमेर के ब्यावर में यह दर्दनाक हादसा कुमावत समाज भवन में हुआ, जहां मलबे से अब तक शव निकल रहे हैं। यहां मायरे के कार्यक्रम के दौरान हुए दो से अधिक सिलेंडर ब्लास्ट में भवन भर-भराकर गिर गया, जिसमें अब तक तीन मासूमों समेत 19 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में सभी दूल्हे के रिश्तेदार थे।
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छोटे से लालच की इतनी बड़ी कीमत

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ब्यावर
पुलिस के अनुसार हेमंत पटलेचा के शादी समारोह के दौरान हलवाई जब गलत तरीके से सिलेंडर की रिफलिंग कर रहा था तो ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि दो मंजिला भवन का अधिकतर हिस्सा धाराशायी हो गया। 36 घंटे से जारी राहत बचाव कार्य के दौरान एक-एक कर शव निकल रहे हैं।
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50 से ज्यादा लोग थे मौजूद

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घटना स्थल, ब्यावर - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि समारोह के दौरान 50 से अधिक लोग इस भवन में मौजूद थे। हादसे के बाद अब तक 19 शव निकाले जा चुके हैं। जबकि 2 से ज्यादा शव और यहां दबे होने की आशंका है। वहीं इस भीषण हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल है। इनमें से कई लोग गंभीर घायल है, जिन्हें अजमेर भी रैफर किया गया है। हादसे के बाद से पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल है।

नहीं थमी चीख-पुकार

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ब्यावर
शादी समारोह में शामिल होने के लिए दूसरे शहरों से भी लोग यहां आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में इन लोगों के परिजन घटनास्थल पहुंच रहे हैं। हादसे को हुए करीब 36 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन बदहवास होकर अपनों की ढूंढने का प्रयास कर रहे इन लोगों के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे। 
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शव निकालने के लिए जमींदोज की इमारत

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फाइल फोटो।
सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पहले एसडीआरफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। लेकिन जब बात नहीं बनी तो एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। हादसे में क्षतिग्रस्त भवन से सभी शवों को निकालने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे भवन को जमींदोज कर दिया । इससे पूर्व जिला प्रशासन ने आसपास के सभी मकानों को खाली कराया।
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