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राहुल और प्रियंका गांधी का पसंदीदा बन गया है यह दिग्गज कांग्रेसी, जानें...

Fri, 02 Feb 2018 09:18 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान ही राहुल गांधी को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस की कमान मिली थी। इन्हीं चुनावों के नतीजे कांग्रेस में उर्जा भरने वाले साबित हुए। उसके बाद एक फरवरी को राजस्थान में हुए उपचुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को एक बार फिर से जश्न मनाने का मौका दिया है।

लेकिन पहले पंजाब फिर गुजरात और अब राजस्थान में मिली जीत में कांग्रेस के लिए एक नाम कॉमन रहा है। वह है राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी दिग्गज अशोक गहलोत का। यहीं कारण है कि पहले राहुल गांधी और अब प्रियंका गांधी ने अशोक गहलोत की तारीफ की है। 
 
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यह कहा प्रियंका गांधी ने

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फाइल फोटो।
एक फरवरी को राजस्थान के तीन महत्वपूर्ण उपचुनावों के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस को बधाई दी। वहीं प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर एक खबर को शेयर करते हुए लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी सदस्य अशोक गहलोत ने आमजन का सहींं आंकलन किया था। प्रियंका ने लिखा है कि गहलोत पहले ही कह चुके थे कि यह एक तरफा खेल होगा। 
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गहलोत रहे है आलाकमान के करीबी

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फाइल फोटो।
अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर भी कहा जाता है। बीते कुछ वर्षों में देश भर में कांग्रेस लगातार कई चुनाव हारी है। लेकिन अशोक गहलोत को कांग्रेस आलाकमान ने जिन जिन राज्यों की जिम्मदेारी दी वहां पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। फिर चाहे वह पंजाब में कांग्रेस की जीत हो या गुजरात चुनाव में पार्टी का बेहतर प्रदर्शन। यहीं नहीं गहलोत ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की राज्यसभा सीट बचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। 

परेशानी भी कम नहीं 

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फाइल फोटो।
हालांकि राजस्थान की राजनीति में अहम भूमिका रखने वाले अशोक गहलोत की मुश्किलें बीते कुछ वर्षों में भी बढ़ी भी है। क्योंकि यहां कांग्रेस की कमान सचिन पायलट को सौंप दी गई है। ​सचिन पायलट भी राहुल गांधी के सबसे करीबी नेताओं में से है। वहीं अलवर से सांसद रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्र सिंह, डॉ सी पी जोशी सरीखे नेताओं से भी अशोक गहलोत की दूरी ही नजर आती है। 
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इस बार नहीं दिखी दूरियां

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फाइल फोटो।
एक फरवरी को अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के आए नतीजों ने भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। वहीं दूसरी और कांग्रेस इस जीत का श्रेय एकजुटता को दे रही है। दरअसल सचिन पायलट और अशोक गहलोत खेमे इन चुनावों में साथ-साथ रहा। नतीजतन भाजपा को उपचुनाव में बंपर मतों से हार मिली। अशोक गहलोत और सचिन पायलट इन उपचुनावों को दौरान कई मौकों पर एक ही मंच पर नजर आए। 
 
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