संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावती का नाम भले ही बदल कर पद्मावत हो गया है। लेकिन फिल्म से जुड़ा विवाद अब तक खत्म नहीं हुआ। फिल्म नए नाम के साथ 25 जनवरी को रिलीज हो रही है तो वहीं राजपूतों ने 17 जनवरी से उग्र आंदोलन की चेतावनी दे दी है। राजपूत समाज से जुड़े तमाम संगठन फिल्म को पूर्ण रुप से बैन करने की मांग के साथ उग्र आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने में जुटे है। वहीं दूसरी और मेकर्स अब रिलीज को टालने के मूड में बिल्कुल ही नहीं है। फिल्म का नए नाम के साथ पोस्टर भी रिलीज कर दिया गया है।
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रेल और सड़क जाम करने की तैयारी
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फाइल फोटो।
राजपूत व सर्वसमाज की हाल ही में चित्तौड़ दुर्ग में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए है। जिसमें प्रमुख है फिल्म के विरोध में सड़क व रेल मार्ग को अवरुद्ध किया जाएगा। पुन: इस आंदोलन की शुरुआत 17 जनवरी से की जाएगी। करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह कालवी के अनुसार फिल्म को किसी भी सूरत में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि राजपूत समाज के साथ अन्य समाज भी फिल्म के विरोध में है।
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जौहर की चेतावनी
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फाइल फोटो।
वहीं राजपूत समाज की महिलाओं ने जौहर की भी बात कही है। क्षत्राणियों का कहना है कि यदि फिल्म रिलीज होती है तो सभी का बता दिया जाएगा कि जौहर क्या होता है। गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड के बदलाव व विभिन्न कट के बाद मेकर्स ने फिल्म को इसी माह 25 जनवरी को रिलीज करने का निर्णय किया है। जिसके बाद फिल्म को लेकर बवाल फिर से प्रारंभ हो गया है।
यहां बैन हो चुकी है फिल्म
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फाइल फोटो।
फिल्म से जुड़े विवाद के कारण गुजरात, मध्य प्रदेश व राजस्थान में फिल्म को बैन किया जा चुका है। जबकि बिहार में फिल्म जल्द ही बैन हो सकती है। हालांकि राजपूत समाज को झटका तब लगा जब उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में फिल्म को बैन करने से इंकार दिया गया है। वहीं राजपूत समाज व करणी सेना का कहना है कि देशभर में फिल्म को बैन किया जाना चाहिए।
रविवार को महाराणा कुंभा की जयंती के मौके पर राजसमंद में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए केन्द्रीय गृहमंत्री से भी राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। उन्होंने देशभर में फिल्म को बैन करने की मांग की है। वहीं दूसरी और फिल्म को हो रही राजनीति के चलते जयपुर में राजपूत समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों ने आगामी उपचुनाव में भाजपा का विरोध करने का निर्णय लिया है।