गुलाबीनगरी में मकर संक्रांति के मौके पर पूरा शहर उल्लास की उड़ान भरता रहा वहीं जयपुराइट्स के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों ने भी खूब मौज उड़ाई। रविवार को जयपुर के जलमहल पर पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित काइट फेस्टिवल में शामिल होने बड़ी संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक पहुंचे जहां उन्होनें जमकर पतंगबाजी की और लोक नृत्य का भी लुत्फ उठाया।
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आकर्षण का केंद्र रहा 12 फीट का 'ढाल'
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jaipur kite festival
- फोटो : Amar Ujala
इस काइट फेस्टिवल में 12 फीट का 'ढाल' बड़ी पतंग पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। विदेशी सैलानियों ने समूह बनाकर खूब पतंगे उड़ाई जिनसे उन्होनें जयपुरवासियों के पेच भी काटे।
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खूब याद आए बाबू खां
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- फोटो : Amar Ujala
शहर के काइट फेस्टिवल की शान रहे एक साथ 100 पतंगे उड़ाने वाले बाबू खां का कमाल इस मकर संक्रांति पर भी नहीं देखने को मिला। साल 2014 में हुए उनके निधन के बाद से उनके पुत्र ये परंपरा निभा रहे थे मगर इस बार पर्यटन विभाग की ओर से कोई रूचि नहीं दिखाए जाने के चलते 100 पतंगों को एकसाथ उड़ाए जाने का कमाल कोई नहीं देख पाया।
पेच काटते ही विदेशी भी चिल्लाए 'वो काटा'
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- फोटो : Amar Ujala
संक्रांति पर पतंगबाजी की धूम में विदेशी सैलानी भी खूब घुल मिल गए और यहां की परंपरा और संस्कृति की डोर में अपने आप को भी आसानी से पिरो लिया। विदेशियों ने पतंगबाजी के दौरान जब जब पेच लड़ाकर दूसरों की पतंग काटी तो उसके बाद यहां की जुबान में 'वो काटा, वो मारा' भी चिल्लाए।
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खेल ख्यालों से भी हुआ मनोरंजन
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- फोटो : Amar Ujala
जलमहल की पाल पर आयोजित जयपुर काइट फेस्टिवल में सैलानियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी रखी गई थी। वहीं लोक कलाकारों ने ख्याल दिखाकर विदेशियों का खूब मनोरंजन किया।
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लोक कलाकारों ने विशेष प्रस्तुति
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काइट फेस्टिवल में राजस्थान के लोक कलाकारों की ओर से विशेष प्रस्तुति दी गई जिनमें कालबेलिया डांस, मयूर डांस आदि शामिल था। राजस्थान के पारंपरिक नृत्य देखकर विदेशी मेहमान भी खुद को रोक नहीं पाए और कलाकारों के बीच पहुंचकर झूमने लगे।
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विदेशियों को ऐसे एंजॉय करते देख लोकल ट्यूरिस्ट भी झूम उठे
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- फोटो : Amar Ujala
विदेशी मेहमानों को एंजॉय करते देखने के बाद लोकल ट्यूरिस्ट भी खुद को रोक नहीं पाए और उनके साथ साथ झूमने के लिए जलमहल पहुंच गए। शाम तक देखते ही देखते माहौल काफी आकर्षक हो गया जिससे त्यौहार में चार चांद लग गए।
काइट फेस्टिवल के मौके पर विभिन्न रंगों में बहरूपिए नजर आया कोई भगवान बना तो कोई वन्यजीव। इन्हें देखकर विदेशियों के कैमरे अपने आप ही बैग से बाहर निकल आए।