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पहली बार मंदिर से बाहर भक्तों के बीच आए सांवरिया सेठ

Mon, 03 Apr 2017 06:03 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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सांवरिया सेठ का स्वागत करते लोग - फोटो : amar ujala
कहते हैं यदि किसी को आने का न्योता दिया जाए तो वह जरूर आता है चाहे भगवान ही क्यों ना हो। ऐसा ही उदयपुर में हुआ, यहां गीता ज्ञान यज्ञ के आयोजन के लिए सांवरिया सेठ के मंदिर में न्योता भेजा गया तो प्रभु महोत्सव में पधारे।

बताया जा रहा है कि भगवान सांवरियाजी पहली बार मण्डफिया चित्तौड़ से उदयपुर पधारे हैं। यह पहला आयोजन है जब सांवरिया के प्रतिरूप को भक्तों के बीच लाया गया। इससे पहले यह प्रतिरूप केवल मात्र फूलडोल महोत्सव के दौरान ही मंदिर से बाहर भक्तों के बीच लाया गया है।
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नाचने—गाने लगे भक्त

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प्रभु के स्वागत में नाचते भक्त - फोटो : amar ujala
उदयपुर के फतेहपुरा चौराहे के समीप एक गार्डन में होने वाले गीता ज्ञान यज्ञ महोत्सव में सांवरियाजी के पधारने का भक्तों को जैसे ही पता लगा वे दौड़े चले आए। मण्डफिया चित्तौड़ से फतेहपुरा उदयपुर तक रास्ते में भक्तों ने प्रभु के स्वागत में फूल बिखेर दिए। यहां तक कि प्रभु के स्वागत में भक्त नाचने गाने लगे।
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गोद में बिठाकर लाए महाराज

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प्रभु के प्रतिरूप को गोद में लेकर बैठे महाराज - फोटो : amar ujala
उदयपुर शहर के सौ फिट रोड पर भक्तों की ओर से सांवरियाजी की विशाल आरती का आयोजन किया गया। यहां प्रभु प्रतिरूप के पहुंचते ही पूरा पांडाल भजनों पर झूम उठा। इसी बीच मण्डफिया से सांवरियाजी को गोद में बिठाकर लाए महाराज ने उनकी आरती उतारी।

हर कोई उनकी तस्वीर को कैद करना चाहता था

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मोबाइल से तस्वीरें खींचते भक्त - फोटो : amar ujala
भगवान सांवरियाजी की एक झलक पाने के लिए भक्त लालायित दिखे। कोई अपने मोबाइल फोन में उनकी तस्वीर कैद करना चाहता तो कोई अपनी आंखों में ही हमेशा के लिए उन्हें बंद करना चाहता था। ऐसा भक्तिमय माहौल यहां सोमवार को सांवरियाजी के पधारने के दौरान दिखा।
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तीन दिन तक भक्तों के बीच विराजेंगे सांवरियाजी

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प्रभु पर फूल बरसाते भक्त - फोटो : amar ujala
तीन दिनों तक भगवान सांवरियाजी भगवत गीता महोत्सव के लिए आयोजन स्थल पर ही ​विराजेंगे। भक्तों का कहना है कि प्रभु को अपने बीच में देखकर उनका तो जीवन ही धन्य हो गया। कहा जाता है कि यदि मन से प्रभु को भक्तों के बीच बुलाया जाए तो वे जरूर भक्तों का मान रखते हैं।
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