देश के सबसे टफ स्पोर्ट्स चैलेंजेस में से एक आयरनमैन को जीतकर कोटा के आईआईटी कोचिंग देने वाले शिक्षक ने इतिहास रचा है। इस शिक्षक ने ना सिर्फ ये चैलेंज पूरा किया बल्कि असंभव को संभव भी करके दिखाया है। इस चैलेंज को पूरा करने के लिए काफी चुनौतियां पूरी करनी पड़ी और कड़ी मेहनत के बाद ये खिताब हासिल किया।
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ऐसा करने वाले राजस्थान के दूसरे एथलीट
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आयरनमैन मृगेश गुप्ता
- फोटो : Amar Ujala
कोटा के मृगेश गुप्ता ने पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित ट्रायथेलॉन में आयरनमैन चैलेंज को पूरा किया है। इसमें उन्होंने 17 घंटे 10 मिनट में 3.9 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग, 42 किमी दौड़ पूरी की है। ऐसा करने वाले मृगेश कोटा के पहले और राजस्थान के दूसरे एथलीट बन गए हैं।
इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरन मैन का चैलेंज पूरा कर चुके हैं। इससे पहले 15 जनवरी 2016 को मुम्बई मैराथन दौड़ चुके हैं। काॅलेज में मार्शल आर्ट किक बाॅक्सिंग में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। दिल्ली हाफ मैराथन व जयपुर में थार में रेस पूरी कर चुके हैं। गत 19 मार्च को जयपुर में हाफ आयरनमैन का चैलेंज भी पूरा कर चुके हैं।
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पता नहीं था क्या है Ironman Challenge और ना ही जानते थे तैरना
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आयरनमैन मृगेश गुप्ता
बड़ी बात यह कि 15 महीने पहले तक मृगेश को यह भी नहीं पता था कि आयरन मैन चैलेंज होता क्या है, यहां तक की प्रोफेशनल तैराकी भी नहीं आती थी। हां लेकिन हल्का-फुल्का तैरना जरूर आता था। इन सबके बावजूद मृगेश ने इरादा बनाया और जीत हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। दैनिक दिनचर्या, शिक्षण के कार्य को यथावत रखते हुए ऐसी तैयारी की कि आयरन मैन का चैलेंज पूरा कर माने।
फेसबुक पोस्ट देखकर मिला मोटिवेशन
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आयरनमैन मृगेश गुप्ता
डेढ़ साल पहले तक मृगेश न तैरना जानते थे और ना ही आयरन मैन चैलेंज के बारे में जानते थे। दोस्त गौरव खंडेलवाल ने फेसबुक पर 150 किलोमीटर साइक्लिंग की पोस्ट डाली तो प्रेरित होकर मृगेश ने भी साइक्लिंग करना शुरू किया। दोस्त राजेश शर्मा ने आयरन मैन कहना शुरू किया। उनसे पूछा की आयरन मैन क्या होता है तो बात सामने आई कि इस तरह के चैलेंज होते हैं। बस, फिर इसकी तैयारी में जुट गया। स्वीमिंग नहीं आती थी तो स्वीमिंग सीखना शुरू किया।
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चंबल के घड़ियालों ने रोकी राह
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मृगेश ने बताया कि लम्बी तैराकी के लिए कोटा में बड़े स्वीमिंग पूल ही नहीं हैं। यहां चम्बल नदी में घड़ियाल व अन्य जीव होने से लम्बा तैरने में डर लगता है। ऐसे में तैरने के लिए मैं दिल्ली जाता था। वहां भट्टी माइंस में जाकर दोस्त के साथ तैरता था और उसी दिन वापस कोटा आ जाता था।
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पेरिस मैराथन के दौरान हुआ डेंगू
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मृगेश ने बताया कि उन्होनें सितम्बर 2016 में मैराथन व आयरन मैन की तैयारियां शुरू की। इसके करीब एक साल बाद फुल आयरन मैन चैलेंज के लिए पेरिस गया। वहां थोड़ी तबीयत खराब हुई और जांच में डेंगू आ गया। यह मेरे लिए बहुत निराशाजनक अनुभव रहा। ऐसा लगा जैसे सपना टूट गया हो, लेकिन परिवार व दोस्तों ने मुझे फिर से प्रेरित किया और चैलेंज पूरा करने के लिए लगे रहने की बात कही।
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विदेशी आयरनमैन से भी टफ है इंडियन आयरनमैन
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चेन्नई ट्रेकिंग क्लब द्वारा आयोजित ट्रायथेलोन विदेशों में होने वाले आयरन मैन से भी ज्यादा टफ रहा। इसमें 100 मीटर की स्वीमिंग ज्यादा थी। भारतीय मौसम अनुकूल नहीं था। इसके अलावा साइक्लिंग के दौरान 20 किलोमीटर क्षेत्र में गड्ढे बहुत थे और उनकी साइकिल पंचर भी हुई। इस दौरान ट्रैफिक भी बंद नहीं किया गया था। मृगेश के जुनून का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मई-जून माह में आयरन मैन की तैयारी करने के लिए सात शनिवार तक नींद नहीं निकाली।
दिन में समय नहीं मिलता था तो हर शनिवार को रातभर साइक्लिंग करते थे। इसके बाद सुबह दौड़ते थे और अन्य चैलेंज की तैयारी करते थे। मृगेश ने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए सवा साल से बाजार का फूड खाना बंद किया हुआ है। इसके अलावा तला हुआ भी कम से कम खा रहा हूं। शरीर में प्रोटीन व अन्य पोषक तत्वों का पूरा ध्यान रखते हुए ही आहार ले रहा हूं।
कोटा लौटने के बाद मृगेश गुप्ता
- फोटो : Amar Ujala
मृगेश ने बताया कि अभी विदेशी धरती पर होने वाला आयरन मैन चैलेंज पूरा करना है। इसके बाद अल्ट्रा मैन चैलेंज पूरा करना चाहता हूं। यह तीन दिन का चैलेंज होता है जिसमें पहले दिन 10 किमी स्वीमिंग, 150 किमी साइक्लिंग, दूसरे दिन 270 किमी साइक्लिंग तथा तीसरे दिन 84 किमी रनिंग शामिल है। तीनों दिन 12-12 घंटे में ये चैलेंज पूरे करने होते हैं।