इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यानाहू इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं। वे आज मुम्बई के नरीमन हाउस भी जाएंगे। जहां वे मुम्बई हमलों के प्रभावित इजरायली बच्चे बेबी मोशे से भी मिलेंगे। करीब दस वर्ष पूर्व हुए मुम्बई आतंंकी हमले के बाद भारत का एक और शहर दुनिया के नक्शे पर छाया था। क्योंकि इजरायली कनेक्शन वाले इस शहर की रैकी भी मुम्बई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली ने की थी।
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इसलिए आते है इजरायली
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बेथ खबाद
यह शहर है तीर्थराज के नाम से मशहूर पुष्कर। राजस्थान के इस शहर की पहचान दुनिया के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर के साथ बड़ी संख्या में आने वाले इजरायली नागरिकों के कारण भी है। पुष्कर में इजरायली कम्यूनिटी सेंटर 'बेथ खबाद' भी है, जो इजरायली नागरिकों को इस शहर की ओर प्रमुख रूप से आकर्षित करता है। दरअसल इस सेंटर की पहचान यहूदियों के धर्मस्थल के तौर पर भी है। क्योंकि इस सेंटर में यहूदी धर्मग्रंथ टोरो का अध्ययन होता है।
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सरकार करती है फंडिंग
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फाइल फोटो।
हालांकि भारत में कई राज्यों में बेथ खबाद हाउस है। जानकारी के अनुसार ऐसे बेथ खबाद हाउस की संख्या में भारत में 18 है। पुष्कर में स्थित बेथ खबाद हाउस बीते 20 वर्ष से संचालित हो रहा है। यह एक धर्मस्थल के साथ यहां आने वाले इजरायली नागरिकों की मदद का भी काम करता है। जानकारी के अनुसार ऐसे बेथ खबाद हाउस का संचालन इजरायली सरकार की फंडिंग से होता है।
इसलिए भी आया था चर्चा में
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फाइल फोटो।
पुष्कर और यहां का बेथ खबाद हाउस मुम्बई में हुए आतंकी हमले के बाद भी चर्चा में आया था। दरअसल अमेरिकी एजेसिंयों की पूछताछ में मुम्बई हमले के आरोपी डेविड कोलमैन हेडली ने यहां की रैकी करने की भी जानकारी दी थी। जिसके बाद से बेथ खबाद हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हालांकि कुछ समय पूर्व पुष्कर में स्थित बेथ खबाद हाउस को शहर में अन्यत्र ले जाने की भी मांग उठी थी।
तीर्थनगरी के नाम से मशहूर पुष्कर में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते है। राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के अनुसार इन पर्यटकों में सबसे अधिक संख्या इजरायली पर्यटकों की होती है। जानकारी के अनुसार इयरायली युवा पर्यटक यहां लंबे समय तक रहते हैं। गौरतलब है कि इजरायली पर्यटकों और बेथ खबाद हाउस की सुरक्षा के लिए भारत की खुफिया एजेंसी भी सक्रिय रहती हैं।