प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 जनवरी को बाड़मेर के पचपदरा में बनने वाली रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगे। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम से करीब 43 हजार करोड़ की लगात से बनने वाली यह रिफाइनरी अभी तक राजनीतिक पैंतरेबाजी का शिकार रही है। लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि रिफाइनरी जल्द ही मूर्त रूप लेने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शिलान्यास से पूर्व रिफाइनरी निर्माण स्थल पर चार दीवारी का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इस रिफाइनरी की सबसे खास बात यह है कि इससे पाकिस्तान को भी अर्थिक लाभ होगा।
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क्या है पाकिस्तान कनेक्शन
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फाइल फोटो।
तमाम तरीके के राजनीतिक और कूटनीतिक मतभेदों के बावजूद भारत पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्ते रखता है। इसी का परिणाम है कि पकिस्तान को विभिन्न प्रकार के पेट्रोकेमिकल उत्पाद भारत निर्यात करता है। दरअसल पाकिस्तान में केवल तीन ही रिफाइनरी हैं, इसलिए वह पेट्रोकेमिकल्स उत्पादों के लिए भारत सहित चीन व अन्य देशों पर निर्भर रहता है। भारत पाकिस्तान को इन उत्पादों की सप्लाई हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी से करता है। लेकिन पाकिस्तान को अभी तक इन उत्पादों के लिए काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।
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ऐसे होगा पड़ोसी मुल्क को फायदा
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फाइल फोटो।
बाड़मेर के पचपदरा में बनने वाली रिफाइनरी बार्डर के काफी नजदीक है। अब पाकिस्तान को जो पेट्रोकेमिकल्स उत्पाद भेजे जाते हैं वे पश्चिमी राजस्थान से आसानी से भेजे जा सकेंगे। इससे पाकिस्तान को कम दाम चुकाने होंगे। पचपदरा में जो रिफाइनरी बन रही है वह बीएस-6 मानक की है। जिससे तैयार होने वाले उत्पाद बेहतर भी होंगे और किफायती भी। इसलिए यह रिफाइनरी पाकिस्तान को भी फायदा पहुंचाएगी।
सरकार की चांदी करेगी यह रिफाइनरी
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वसुंधरा राजे
करीब चार वर्ष तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पचपदरा की इस रिफाइनरी का शिलान्यास कर चुके हैं। लेकिन राजनीतिक पैंतरेबाजी में फंसी इस रिफाइनरी के लिए राज्य सरकार ने अलग से उपक्रम बनाकर पुन: इसका शिलान्यास पीएम मोदी से कराने का निर्णय लिया है। जानकारों के अनुसार रिफाइनरी जब कार्य प्रारंभ कर देगी तब इससे सरकार को प्रतिवर्ष 30 हजार करोड़ से ज्यादा की आय होगी। जानकारों के अनुसार इस देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी में से एक यह रिफाइनरी की कुल क्षमता 90 लाख टन की होगी।
पचपदरा में बन रही इस रिफाइनरी से लोगों में काफी उत्साह है। दरअसल एक अनुमान के अनुसार इस रिफाइनरी से दस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं अप्रत्यक्ष रुप से भी रोजगार विकसित होगा। गौरतलब है कि बाड़मेर में केयर्न्स एनर्जी के आने के बाद से लगातार रोजगार बढ़ा है। उम्मीद की जा रही है कि रोजगार के संसाधन अब इस क्षेत्र में और बढ़ेगें।