मेले तो आपने बहुत से देखें होंगे, लेकिन आज हम यहां आपको ऐसे मेले के बारे में बताते हैं जो भारत से लेकर पाकिस्तान तक अपनी पहचान रखता है। आज से शुरू हुए ये मेला, जानिए इसकी खास बातें...।
राजस्थान राज्य से जुड़ा ये मेला जैसलमेर जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर रामदेवरा में जुटता है। जहां लोक देवता बाबा रामदेव के दर्शनों के लिए देश-विदेश से भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। राजस्थान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भी बाबा के भक्त रामदेवरा रूणीचा पहुंचते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल दिखती है यहां
2 of 8
लोक देवता बाबा रामदेव के दर्शनों के लिए कतार
- फोटो : amar ujala
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को रामदेवरा मेला शुरू होता है जो करीब महीने भर तक यहां चलता है। मेले की सबसे खास बात यह है कि एक तरफ जहां हिंदू यहां बाबा रामदेव को मत्था टेकने पहुंचते हैं, वहीं मुस्लिम 'बाबा रामसा पीर' की जियारत करने आते हैं। हर किसी की जुबां पर यहां केवल एक ही बात है 'म्हारो हेलो सुणो जी रामा पीर...'
विज्ञापन
मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं घोड़ा
3 of 8
कपड़े का घोड़ा
बाबा रामदेव को कृष्ण भगवान का अवतार माना जाता है। ऐसे में यहां दूरदराज से भक्त अपनी मुरादें लेकर आते हैं। मुराद पूरी होने पर भक्त कपड़े का घोड़ा बनाकर मंदिर में चढ़ाते हैं। बताया जाता है घोड़ा बाबा रामदेव की सवारी है। हाल ये है कि अभी से बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों की दो से तीन किलोमीटर तक कतार लगना शुरू हो चुकी है।
निस्वार्थ भाव से भक्तों की करते हैं सेवा
4 of 8
निस्वार्थ जल सेवा
- फोटो : amar ujala
आज से मेला शुरू होते ही यहां भक्तों की पदयात्राओं का आना भी जारी है। ऐसे में कई स्वयंसेवी संगठन भक्तों को निस्वार्थ भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, मेले को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की मदद से प्रत्येक स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यहां तक कि बम निरोधक दस्ते की मदद लेकर भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा जा रहा है।
विज्ञापन
चार साल से आ रहे हैं 'लोटन बाबा'
5 of 8
लोटन बाबा
- फोटो : amar ujala
मध्यप्रदेश और दक्षिणी राजस्थान से जाने वाले लोग रामदेवरा पहुंचने के लिए उदयपुर अंचल से गुजरते हैं। प्रकाश राव उर्फ लोटन बाबा भी ऐसे ही श्रद्धालु हैं। गुजरात में जुगलपुरा के रहने वाले प्रकाश राव पिछले चार साल से दण्डवत करते रूणीचा पहुंचते हैं। चूंकि ये पदयात्रा नहीं करते बल्कि जमीन पर लेटते हुए यात्रा पूरी करते हैं, इसलिए लोग इन्हें लोटन बाबा के नाम से जानते हैं।
विज्ञापन
दर्शन करने इटली से आया ये दंपती
6 of 8
इटली से आया दंपती
- फोटो : amar ujala
इटली के पास्कोली शहर से आए आंद्रे ब्रटोल्दी ऐसे ही एक भक्त हैं जो यहां पूरे परिवार सहित दर्शनों के लिए आया है। ब्रटोल्दी ने बताया कि इटली में रहने के बावजूद भारतीय देवी-देवताओं में उनकी आस्था है। इसी के चलते उसने अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। उन्होंने प्रभु से परिवार में सुख-समृद्धि रहने की कामना की।
विज्ञापन
रोमानिया का इनोट यहां रहने लगा
7 of 8
रोमानिया का इनोट
- फोटो : amar ujala
भारतीय संस्कृति से रूबरू होने के लिए जैसलमेर आए रोमानिया निवासी इनोट को धोरों से लगाव हो गया है। पांच महीने हो गए है लेकिन, उनका यहां से जाने का मन नहीं करता। इनोट यहां भारतीय संस्कृति को जानने के लिए आए हैं। यहां से वह जयपुर होते हुए दिल्ली जाएगा।
रामदेवरा मेले में इस बार यहां यहां पॉलीथिन और प्लास्टिक का उपयोग नहीं हो, इसके लिए जिला कलक्टर कैलाश चन्द मीना ने सहयोग की अपेक्षा की है। कलक्टर ने दुकानदारों को कहा है कि वे यह संकल्प लें कि किसी भी सूरत में पॉलीथिन एवं प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। यदि किसी ने पॉलीथिन एवं प्लास्टिक का उपयोग किया तो उनकी दुकान बंद करवाने की कार्रवाई भी की जाएगी।