जयपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर डिग्गी में स्थित कल्याणधणी की 52वीं लक्खी पदयात्रा आज से शुरु हो गई है। इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में कल्याणधणी के भक्त पैदल ही जयकारे लगाते हुए यात्रा पर निकल जाते हैं। कल्याणधणी की 52वीं पदयात्रा को आज जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर से सांसद रामचरण बोहरा और चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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यूं निकल रही है पदयात्रा, ये रहता है रूट
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दंडवत पदयात्रा के लिए निकलती महिलाएं
- फोटो : amar ujala
यह यात्रा दुर्गापुरा, सांगानेर से होती हुई मदरामपुरा, रेनवाल, हरसूलिया, फागी, चोसला होकर पांच दिन बाद निज धाम डिग्गी पहुंचती है। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह यात्रियों द्वारा भजन-कीर्तन व सत्संग के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और ये पूरा स्टेट हाईवे भक्तिमय हो जाता है।
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24 कोस की यात्रा, कोने-कोने से पहुंचेंगे श्रद्धालु
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झूमते गाते निकलते श्रद्धालु
- फोटो : amar ujala
डिग्गी कल्याण जी की यह यात्रा पूरे 24 कोस की होती है। सावन के महीने में ही इस यात्रा की शुरुआत होती है जिसमें शामिल होने राजस्थान के कोने कोने से लोग आते हैं। इसी दौरान यहां एक मेला भी भरता है।
जानें कौन हैं डिग्गीपुरी का राजा, दसवीं शताब्दी में बना था मंदिर
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यात्रा के लिए जुटते श्रद्धालु
- फोटो : amar ujala
डिग्गी गांव में स्थित भगवान अनिरुद्ध के इस मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था। यह मंदिर प्रतिहार शैली में निर्मित है। सालभर हर पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के कोने कोने से पहुंचते हैं।
माना जाता है कि डिग्गी कल्याण मंदिर के दर्शन कर आने से कोढ़ जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाती है। यहां के लोग इन्हें कोढ़ रक्षक देवता के नाम से भी जानते है और इसलिए इस मंदिर का अपना ही एक खास महत्व भी है।