जल्द अमीर बनने की हसरतें इन हसीनाओं को गुनाह के रास्ते पर ले गईं, पहले ये हाई प्रोफाइल शिकार चुनती हैं, फिर मुलाकातों के जरिए शुरू होता है, नजदीकियां बढ़ाकर फंसाने का खेल।
एेसे ही एक हाई प्रोफाइल मामले के तहत 27 दिसंबर, 2016 को गिरफ्तार हुई हांगकांग निवासी रवनीत कौर, जो मूल रूप से पंजाब की है। वर्ष 2012 में ये राजस्थान के जयपुर में बीबीए कोर्स करने आई, रवनीत जल्द अमीर होने के लालच के चलते करोड़पतियों को फंसाने वाले गैंग में शामिल हो गई। प्रोपर्टी व्यवसायी अक्षत शर्मा उर्फ सागरपुरी के साथ मिलकर बिल्डर, होटल मालिक सहित अन्य व्यवसायियों सहित सात हाई प्रोफाइल लोगों से प्यार का नाटक किया। इसके बाद बलात्कार व अपहरण का केस दर्ज करवाने की धमकियां देकर कई करोड़ रुपए वसूले।
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इसने डॉक्टर को फंसाया और वसूले एक करोड़
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शिखा तिवाड़ी उर्फ डीजे अदा
- फोटो : Amar Ujala
हाई प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग कांड में मुम्बई की नामी डीजे अदा का नाम सामने आया। 21 वर्षीय जयपुर निवासी शिखा तिवाड़ी उर्फ अंकिता ही डीजे अदा है। अदा ने वैशाली नगर के एक करोड़पति डॉक्टर से नजदीकियां बढ़ाईं और पुष्कर के एक रिसोर्ट में रुकी। इसके बाद बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देते हुए डॉक्टर से एक करोड़ रुपए वसूल लिए। इस मामले में इसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
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शिकार फंसाने के लिए ये तैयार करती थी हंसीनाओं को
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आकांक्षा
- फोटो : Amar Ujala
अजमेर निवासी आकांक्षा ही इन हसीनाओं को शिकार फंसाने के लिए तैयार करती थी। ये इन युवतियों को बताती थी कि रिश्ते बनाने के बाद ब्लैकमेलिंग के लिए क्या-क्या सबूत जुटाने हैं। आकांक्षा को एसओजी ने अजमेर से गिरफ्तार किया। जयपुर में पढ़ाई के दौरान ये गिरोह के सरगना अक्षत शर्मा की मित्र बनी। अक्षत ने आकांक्षा को जयपुर में शानदार फ्लैट और लग्जरी कार दे रखी थी। जांच में ब्लैकमेलिंग के करीब 15 मामलों में आकांक्षा का नाम सामने आया है।
एएसपी से चार साल तक चला प्रेम, फिर ब्लैकमेल
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एएसआई आशीष प्रभाकर और पूनम
- फोटो : अमर उजाला
अलवर निवासी पूनम की शादी जयपुर में हुई थी। पति से मनमुटाव के बाद उसने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया। तब जयपुर में एएसपी आशीष प्रभाकर से करीब चार साल चले प्रेमप्रसंग के बाद पूनम ब्लैकमेल कर रुपयों के लिए दबाव डालने लगी। तब एएसपी आशीष प्रभाकर ने सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर पूनम की हत्या कर दी। फिर खुद को गोली मारकर जान दे दी। सुसाइड नोट में एएसपी ने पूनम के ब्लैकमेल करने का जिक्र किया था।
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साड़ी व्यापारी को फंसाकर फ्लैट पर बुलाया और फिर...
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वंदना भट्ट और पूनम कंवर
- फोटो : Amar Ujala
वंदना भट्ट उर्फ सारिका और पूनम कंवर उर्फ अंजली ने जयपुर के मालवीय नगर स्थित एक साड़ी सेंटर से कुछ साडियां उधार लीं और व्यापारी को रूपए लेने के लिए अपने मानसरोवर स्थित अपार्टमेंट पर बुलाया। व्यापारी के पहुंचने पर दोनों ने दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपए वसूले। हाल ही में, मालवीय नगर थाना पुलिस ने वंदना भट्ट और पूनम कंवर को गिरफ्तार किया।
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पांच बार जयपुर आई और बनाया कइयों को शिकार
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कल्पना
- फोटो : Amar Ujala
22 वर्षीया कल्पना उत्तराखंड में उधमसिंह नगर की रहने वाली है। एसओजी ने उसे जयपुर के हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग केस में गिरफ्तार किया था। ब्लेकमेलिंग के तीन से चार केसों में कल्पना का नाम बताया जा रहा है। वह पांच बार उत्तराखंड से जयपुर आई थी। यहीं सरगना अक्षत शर्मा व अन्य के जरिए उसने हाईप्रोफाइल लोगों को फंसाया और फिर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाने की धमकियां देकर ब्लैकमेल किया।
ब्वॉय फ्रेंड ने किया ब्रेन वॉश तो करने लगी ब्लैकमेल
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आरती
- फोटो : Amar Ujala
इसी साल 10 जनवरी को जयपुर में एमएनआईटी के पास आरती नाम की एक लड़की ने गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। लेकिन पुलिस अनुसंधान में यह मामला झूठा निकला और गैंगरेप की झूठी कहानी बनाकर ब्लैकमेल करने वाली आरती और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। उन दोनों ने साथ मिलकर आगरा और मैनपुरी में ब्लैकमेलिंग की पांच वारदात को अंजाम दिया। 22 साल की आरती की अनैतिक गतिविधियों के कारण ही परिवार वालों ने उसे घर से निकाल दिया था। आरती के अनुसार जल्दी पैसा कमाने के लिए आरोपी युवक ने उसका ब्रेन-वाश किया था।