राजस्थान में लोकसेवक और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बिना राज्य सरकार की मंजूरी लिए एफआरआई दर्ज नहीं करने जैसे प्रावधान वाले बिल का चारों ओर विरोध हो रहा है। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया। कांग्रेस ने इसे काला कानून बताकर आज प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायकों और पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
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एडिशनल डीसीपी दिखाई अंगुली और फिर...
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डीसीपी को फटकार लगाते कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा
- फोटो : Amar Ujala
जयपुर में सोमवार को विधानसभा में इस विवादित बिल को विधानसभा में पेश किया। इसके विरोध में कांग्रेसी सुबह कांग्रेस विधाायक गिर्राज सिंह मलिंगा के घर पर एकत्र हुए। इस दौरान वहां एडिशनल डीसीपी योगेश गोयल प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे। उन्होंने बातचीत शुरू की तो कांग्रेस उन पर भड़क गए। उन्हें जमकर फटकारा। इस दौरान पुलिस अधिकारी को अंगुली दिखाते हुए कांग्रेस के मुख्य सचेतक गोविंदसिंह डोटासरा ने उन्हें अंगुली दिखाई और कहा गेट आउट।
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इसलिए भड़के एमएलए
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डीसीपी को लताड़ लगाते कांग्रेस के डोटासरा
- फोटो : Amar Ujala
मामला बढ़ गया और अन्य विधायक भी डोटासरा के साथ हो लिए। दरअसल, ये लोग बिना किसी की अनुमति एमएलए क्वार्टर में पुलिस अधिकारी के घुसने से खफा थे। उन्होंने कहा कि सरकार सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह तानाशाही कर रही है। वहां मौजूद सभी कांग्रेसी विधायकों के तेवर देखकर पुलिस अधिकारी ने रवाना होना मुनासिब समझा।
जुलूस के रूप में रवाना हुए कांग्रेसी और फिर...
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विरोध दर्ज कराते कांग्रेस के आला नेता और कार्यकर्ता
- फोटो : Amar Ujala
इसके बाद प्रदर्शन के लिए कांग्रेसी विधानसभा के पास पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें रोक लिया। यहां नारेबाजी करने के बाद राजभवन की ओर रवाना हो गए। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
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कांग्रेस ने किया सदन से वॉकआउट
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विधानसभा के बाहर कांग्रेस नेता
- फोटो : Amar Ujala
दूसरी तरफ, इस बिल के खिलाफ विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी और अन्य कांग्रेसी विधायक काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे। हंगामे के दौरान कांग्रेसियों ने वॉकआउट किया। सदन में हंगामे की स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष ने कार्रवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी। हालांकि इस दौरान सदन में विवादित बिल पेश कर दिया गया।
गिरफ्तारी देते कांग्रेसी कार्यकर्ता
- फोटो : Amar Ujala
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अध्यादेश के खिलाफ राज्यपाल कल्याण सिंह को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजभवन से पूर्व ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं पीसीसी चीफ का ये भी कहना था कि राज्य सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए यह बिल लेकर आई है।