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कांग्रेस के लिए ये चुनाव बन गया है चुनौती, बयानबाजी और बागी मुसीबत

Tue, 16 Jan 2018 12:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पूर्व राजस्थान में होने जा रहे उपचुनाव को पार्टियां सेमीफाइनल के तौर पर ले रही है। राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। इसलिए दोनों पार्टियों के नेता इन उपचुनाव में जीत के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। हालांकि मांडलगढ विधानसभा उपचुनाव में बागी गोपाल मालवीय ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है। जबकि भाजपा के सामने बागियों की कोई समस्या नहीं है। 
 
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पार्टी ने किया निलंबित

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फाइल फोटो।
मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार गोपाल मालवीय को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ​अविनाश पांडे ने आज मालवीय के विरुद्ध कार्रवाई की। गौरतलब है कि कांग्रेस ने मांडलगढ़ से विवेक धाकड़ को उम्मीदवार को बनाया है। नाम वापसी के आखिरी दिन सोमवार तक बागी गोपाल मालवीय से समझाइश की गई। लेकिन जब वे नहीं माने तो आज उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया। 
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भाजपा रही कामयाब

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फाइल फोटो।
बागी उम्मीदवार की समस्या से भाजपा को निजात मिल गई। क्योंकि अलवर लोकसभा उपचुनाव में नामांकन करने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट ने सोमवार को नामांकन वापस ले लिया। गौरतलब है कि भाजपा ने अलवर से डॉ जसवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। यहां से रामपाल जाट के नामांकन के बाद पार्टी उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ गई थी। क्योंकि रामपाल किसान नेता होने के साथ जाट समुदाय से आते है। यदि वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते तो भाजपा की परेशानी बढ़ना तय थी। 

बयानबाजी से भी मुसीबत

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फाइल फोटो।
गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे कांग्रेस नेताओं को उम्मीद थी राजस्थान उपचुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा। लेकिन ठीक उपचुनाव से राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के करीबी अशोक गहलोत के बयान के बाद पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। दरअसल राजस्थान में कांग्रेस दो खेमों में बंटी हुई है। जिसमें एक गुट पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट तो दूसरा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का है। गहलोत ने हाल ही में कहा था कि प्रदेशाध्यक्ष बनने का मतलब मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होना नहीं होता है। 
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यहां होने है उपचुनाव

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फाइल फोटो।
राजस्थान में अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा के लिए उपचुनाव होने है। इन तीनों उपचुनावों के लिए मतदान 29 जनवरी को होना। भाजपा ने जहां अलवर से डॉ जसवंत यादव, अजमेर से रामस्वरुप लांबा को तो मांडलगढ़ विधानसभा से शक्ति सिंह हाड़ा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अलवर से डॉ करण सिंह, अजमेर से डॉ रघु शर्मा व मांडलगढ़ से विवेक धाकड़ को उम्मीदवार को बनाया है। 
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