भाजपा गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद अब काफी संभलकर उपचुनाव में जाना चाहती है। नतीजतन राजस्थान में 29 जनवरी को तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव के लिए मतदान होना लेकिन पार्टी ने अभी तक प्रत्याशी भी घोषित नहीं किए हैं। लेकिन पार्टी की परेशानी उसके अपने ही नेता बढ़ा रहे हैं। दरअसल अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए राज्य सरकार में श्रम मंत्री डॉ जसवंत सिंह यादव ने प्रचार प्रारंभ कर दिया है।
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स्वागत में पहन रहे नोटों की माला
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डॉ. यादव
डॉ. जसवंत यादव खुद के प्रचार के लिए लगताार जनसभाएं कर रहे हैं और गांव-गांव घूम रहे हैं। हालांकि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर उन्हें उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। स्वयं भू घोषित उम्मीदवार के तौर पर प्रचार में जुटे डॉ. यादव नोटों की माला से पहनने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अलवर के एक गांव में करीब एक लाख रुपए के नोटों की माला पहनी।
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आए विरोधियों के निशाने पर
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डॉक्टर यादव
एेसे में डॉ. जसवंत यादव विरोधियों के निशाने पर आ गए है। विरोधी कांग्रेस के नेताओं का कहना है भाजपा के नेताओं की कथनी करनी में इस मामले के बाद अंतर देखा जा सकता है। गौरतलब है प्रधानमंत्री मोदी सादगी का हवाला देते हुए फूल मालाओं से भी परहेज करते हैं, जबकि प्रदेश सरकार के एक मंत्री का एक लाख के नोटों की माला पहनना उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा करता है।
फिसल गई थी जुबां और बोल गए थे ये
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फाइल फोटो।
गौरतलब है कि डॉ जसवंत सिंह यादव कुछ समय पूर्व भी देशभर की मीडिया में छाए थे। तब डॉ यादव पीएम मोदी की तारीफ करते करते उन्हें दुनिया के सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री बोल गए थे। डॉ यादव की फिसली जुबां का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। डॉ. यादव उपचुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर बीते तीन माह से चर्चा में है।
दरअसल कांग्रेस अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए पूर्व सांसद डॉ करण सिंह यादव को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि भाजपा भी यादव वोटों को लुभाने के प्रयास में डॉ जसवंत यादव को प्रत्याशी बनाएगी। हालांकि डॉ यादव के अतिरिक्त भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय शर्मा भी संभावित प्रत्याशी की सूची में सम्मलित हैं।