गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से मिली कड़ी टक्कर का असर भाजपा पर राजस्थान में भी दिखाई देने लगा है। 29 जनवरी को यहां होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी कई माह के मंथन के बाद भी प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। सोशल इंजिनियरिंग के फेर में उलझे भाजपा नेता प्रत्याशियों चयन के लिए सबंधित क्षेत्र में गुप्त मतदान से कार्यकर्ताओं की राय भी जान चुके हैं। जिन दो लोकसभा व एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होना है वे भाजपा के पास थी।