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चुनावी मौसम में भाजपा की यहां बढ़ी परेशानी, नेता आश्वासन देने में जुटे

Fri, 19 Jan 2018 10:35 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
इस वर्ष के अंत में देश के तीन बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकारें है और इन चुनावों को देखते हुए पार्टी ने तैयारी भी प्रारंभ कर दी है। लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व राजस्थान में कुछ दिनों में होने वाले उपचुनाव भी भाजपा के लिए चुनौती से कम नहीं है। लेकिन पार्टी की मुश्किलें एक समुदाय की नाराजगी से इन उपचुनावों में बढ़ी हुई दिखाई दे रही है। 
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यह समाज है नाराज

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फाइल फोटो।
तमाम दावों के बाद भी राजस्थान में होने जा रहे तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने जातिगत समीकरणों के आधार पर टिकिट दिए है। लेकिन राजपूत समाज भाजपा से नाराजगी व्यक्त कर चुका है। 'पद्मावत' ​और आनंदपाल एनकाउंटर विषय को लेकर भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप समाज लगा रहा है। इस समाज की नाराजगी से पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं में भी चिंता है। माना जा रहा है कि राजपूतों की नाराजगी का असर उपचुनाव में देखने को ​मिलेगा। 
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यहां डाल सकते है असर

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फाइल फोटो।
राजस्थान में अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा के लिए उपचुनाव होने जा रहे हैं। राजपूतों की नाराजगी का असर भाजपा उम्मीदवारों को दो स्थानों पर विशेष रूप से हो सकता हैं। इनमें अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा सम्मलित हैं। गौरतलब है कि जहां अजमेर में करीब 2 लाख 30 हजार राजपूत मतदाता हैं। वहीं मांड़लगढ़ में राजपूत मतदाताओं की संख्या करीब 20 हजार है।

राजपूत कर चुके हैं ये ऐलान

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फाइल फोटो।
राजपूत समाज से जुड़े कई संगठन इन उपचुनावों में कांग्रेस के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं। हाल ही में 14 जनवरी को जयपुर के राजपूत सभा भवन में हुई बैठक के बाद यह निर्णय किया गया। लेकिन उसके बाद अजमेर व अन्य स्थानों पर राजपूत संगठनों में दो फाड़ की खबरें सामने आ रही है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का कहना है भाजपा को इन चुनावों में राजपूत समुदाय नुकसान अवश्य पहुंचाएगा। 
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नेता आश्वासन देने में जुटे

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अशोक परनामी
राजस्थान में उपचुनाव के लिए मतदान 29 जनवरी को होना है। इसी के चलते चुनावी क्षेत्रों में प्रचार चरम पर है। भाजपा नेताओं को भी राजपूत समुदाय की नाराजगी का अहसास है। इसलिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने बृहस्पतिवार को अलवर में प्रचार के दौरान कहा कि पार्टी राजपूतों के साथ। वहीं इससे पूर्व राज्य सरकार में मंत्री राजेन्द्र ​सिंह राठौड़ व पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी भी पार्टी के राजपूत समर्थन की बात कह चुके हैं।
 
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