गुजरात विधानसभा चुनाव से प्रारंभ हुआ भाजपा की परेशानियों का सिललिसा थमने का नहीं ही नहीं ले रहा है। राजस्थान में होने जा रहे तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव भी भाजपा नेतृत्व के लिए सिरदर्द प्रतीत हो रहे। पहले इन चुनावों में टिकिट वितरण फिर गुर्जर समाज का विरोध और अब राजपूत समाज का कांग्रेस को समर्थन पार्टी के लिए चुनौती बन गया है।
दरअसल राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों ने रविवार को उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इन संगठनों ने ऐलान देने का निर्णय उस दौरान किया जब केन्द्रीय गृहमंत्री और राजपूत समाज से आने वाले राजनाथ सिंह राजसमंद में महाराणा कुंभा की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।
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इस दिन किया ऐलान
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फाइल फोटो।
राजनाथ सिंह रविवार को जब मेवाड़ की धरती और यहां के वीर सपूतों की गाथाओं के बारें में लोगों को बता रहे थे। तब जयपुर के राजपूत सभा भवन में राजपूत संगठन कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर रहे थे। इस मौके पर राजपूत नेताओं का कहना था कि भाजपा सरकार ने उनके कई मुद्दों पर वादखिलाफी की है। जिसका नतीजा है कि वे उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेंगे। इस मौके पर राजपूत और रावणा राजपूत संघर्ष समिति, राजपूत सभा, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, राजपूत करणी सेना सहित कई समितियों के नेता मौजूद थे।
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गुर्जर भी भाजपा के विरोध में
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फाइल फोटो।
गौरतलब है राजस्थान का गुर्जर समाज पूर्व में ही उपचुनाव में भाजपा के विरोध की बात कह चुका है। गुर्जर समाज का आरोप है कि सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर उनके साथ वादाखिलाफी की हैं। वही अब पद्मावती फिल्म और आनंदपाल प्रकरण में सरकार के रवैये के विरोध में राजपूत समाज भी भाजपा के विरोध में खड़ा हो गया है। रविवार को अजमेर से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ रघु शर्मा ने राजपूत सभा भवन में नेताओं से मुलाकात की।
कांग्रेस में उत्साह
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फाइल फोटो।
अजमेर, अलवर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव से पूर्व गुर्जर व राजपूत समाज के समर्थन से कांग्रेस में उत्साह है। जबकि भाजपा के नेता अब पीएम मोदी के राजस्थान में होने जा रहे दो कार्यक्रमों से चुनाव में जीत की उम्मीद लगा रहे है। वहीं भाजपा के राजपूत समाज से आने वाले नेता यह दावा कर रहे है कि सरकार ने राजपूत समाज की सभी मांगों को पूरा किया है। चाहे वह पद्मावत फिल्म के बैन का विषय हो या फिर आनंदपाल एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच का विषय हो।
गौरतलब है कि राजस्थान में होने जा रहे उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिए खासा महत्व रखते है। इसलिए भाजपा ने पीएम नरेन्द्र मोदी को स्टार प्रचारकों की सूची में टॉप पर रखा है। उपचुनावों के लिए पीएम को स्टार प्रचारक बनाने से भाजपा विरोधियों के निशाने पर भी आ गई है। लेकिन कई समाजों के विरोध में आने से भाजपा प्रत्याशियों को जीत के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। क्योंकि अजमेर व अलवर लोकसभा की सीटों पर गुर्जर मतदाता अवश्य असर डालेंगे।