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भवंरी हत्याकांड: जानिए आज कहां हैं इस बहुचर्चित कांड से जुड़े लोग

Sat, 03 Jun 2017 03:20 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राजस्थान एटीएस के हत्थे चढ़ी इंद्रा विश्नोई - फोटो : amar ujala
राजस्थान का बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड का जिन्न बोतल से एक बार फिर बाहर आ गया है। इस पूरे मामले को एक सोची समझी साजिश के तहत अमलीजामा पहनाने वाली इंद्रा विश्नोई को गिरफ्तार करने में राजस्थान एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले 6 सालों से फरार इंद्रा को राजस्थान एटीएस और मध्यप्रदेश पुलिस की मदद से एमपी के देवास से गिरफ्तार किया गया है। फरार इंद्रा ने मध्यप्रदेश पहुंचने के बाद ना सिर्फ नाम और पहचान बदली बल्कि वहां के लोगों के दिल में अपने लिए एक खास जगह बनाने की भी कोशिश की। देवास में नर्मदा नदी के किनारे किसी  फकीर की तरह जीवनयापन कर रही थी। मगर वहां के लोगों को इस बात का इल्म भी नहीं था कि उनकी अपनी गीता बाई उर्फ जीजी राजस्थान की राजनीति को हिला कर रख देने वाले कांड की मुख्य साजिशकर्ता है। इंद्रा विश्नोई पूर्व मंत्री राम सिंह की बेटी और पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई की बहन है।  इंद्रा महिला और बाल विकास में सुपरवाइज़र के पद और तैनात थी और भंवरी देवी की सबसे करीबी दोस्तों में से एक थी। 

 
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भंवरी देवी: शिकार करने वाली खुद हुई शिकार

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भंवरी देवी - फोटो : Internet
इस पूरी साजिश के तहत इंद्रा द्वारा भंवरी देवी को पहला बलि का बकरा बनाया गया। इंद्रा के भाई और पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई के साथ भंवरी के संबध थे। मलखान सिंह से भंवरी को एक बेटी भी पैदा हुई ​थी जिसका वो लगातार हक मांगा करती थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा की भंवरी के साथ आई अश्लील सीडी कांड ने प्रदेश की सियासत को हिला कर रख दिया था और यह सीडी बनवाने का आइडिया खुद इंद्रा ने भंवरी को दिया था। एएनएम पद पर कार्यरत भंवरी देवी और मंत्री महिपाल मदेरणा की इस सीडी को इंद्रा जब्त करना चाहती थी ताकि वो म​देरणा को ब्लैकमेल करके पद से हटवाते हुए अपने भाई मलखान को मंत्री बनवा सके। साजिश के तहत इंद्रा ने सीडी हथियाने के लिए विश्नाराम गैंग की मदद से अपहरण करा लिया जिसके बाद गैंग ने भंवरी से सीडी पाने के लिए उसे टॉर्चर करना शुरु कर दिया। इसी बीच भंवरी को गैंग द्वारा भंवरी को किसी दूसरी स्थान पर ले जाते समय उसने चिल्लाना और विरोध करना शुरु कर दिया जिसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हो गई। बाद में भंवरी की लाश को पूरी तरह से जला दिया गया और उसकी राख को सड़क पर फेंक दिया गया। 
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महिपाल मदेरणा: नहीं रख पाए अपने पिता के रसूख को कायम

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फाइल फोटो - फोटो : Internet
भंवरी देवी के लापता होने के बाद सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा को 2 दिसंबर 2011 को गिरफ्तार कर लिया गया था। भंवरी के मदेरणा के साथ भी संबंध थे और उनकी आपत्तिजनक सीडी आने के बाद से ही भंवरी लापता थी। सीडी आने के बाद भंवरी ने मदेरणा से 10 लाख रुपए में सौदा किया था लेकिन इंद्रा ने ये सौदा 50 लाख रुपए में करने का दबाव बनाया था। फिलहाल मदेरणा 6 साल से जेल में हैं। महिपाल मदेरणा के पिता परसराम मदेरणा कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं। इस कांड में फंसने के बाद मदेरणा राजनीति में अपने रसूख को कायम नहीं रख पाए। 

मलखान सिंह विश्नोई: भवंरी से एक बेटी भी हुई,हक मांगा तो मरवा दिया

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मलखान सिंह - फोटो : फाइल फोटो
मलखान विश्ननोई इंद्रा का भाई है और पूर्व मंत्री राम सिंह का बेटा है। मलखान भंवरी के आपस में गहरे संबध थे और उनकी एक बेटी भी है। भंवरी की हत्या के बाद मदेरणा के साथ मलखान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया और वो भी जेल में बंद है। मारवाड़ में मदेरणा परिवार और राम सिहं परिवार का काफी प्रभाव है। दोनों राजनीतिक घराने से हैं। इस कारण दोनों ही परिवारों के शुरू से ही बेहतर संबंध रहे हैं।
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अशोक गहलोत: मुख्यमंत्री के नाते सहनी पड़ी थी सरकार की बदनामी

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अशोक गहलोत - फोटो : Internet
तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुए इस बहुचर्चित कांड में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी काफी उंगलियां उठने लगी थी। कहा जाता है कि अशोक गहलोत इस सीडी के बारे में सब जानते थे और 7 नवंबर 2011 को सीबीआई द्वारा की गई पूछताछ में इंद्रा ने बताया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भंवरी देवी ने मुलाकात की थी जिसके बाद गहलोत ने मदेरणा को सुलह करने की सलाह दी थी।
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