यदि व्यवस्था साथ देती, तो गंगा कुमारी देश की पहली किन्नर होती, जो पुलिस की वर्दी पहनती। लेकिन देर से ही सही अब वह जल्द ही राजस्थान पुलिस की वर्दी में नजर आएंगी। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता ने विभाग को गंगा कुमारी को छह सप्ताह में नियुक्ति देने के साथ उन्हें वर्ष 2015 से नोशनल बेनिफिट देने के आदेश दिए हैं।
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शारीरिक परीक्षण में ये बात आई थी सामने
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फाइल फोटो।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में राजस्थान पुलिस में निकली कांस्टेबल भर्ती में राजस्थान के जालौर जिले की निवासी गंगा कुमारी ने भी आवेदन किया था। इसके बाद परीक्षा के विभिन्न चरणों को पास करने के बाद शरीरिक परीक्षण के दौरान उनके ट्रांसजेंडर होने की बात सामने आई थी। इसके बाद से उनकी नियुक्ति का मामला अटका हुआ था।
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पुलिस फोर्स ज्वाइन करने वाली पहली ट्रांसजेंडर
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पृथिका यशिनी
इससे पूर्व चेन्नई की पृथिका यशिनी पुलिस फोर्स में भर्ती होने वाली पहली ट्रांसजेंडर थी। पृथिका का भी अपनी लड़ाई जीतने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा था। पृथिका यशिनी चेन्नई पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है।
दूसरी किन्नर ने कहा, हम भी हैं समाज का हिस्सा
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आर नसरिया
यशिनी के बाद तमिलनाडु के मदुरैई की रहनी वाली आर नसरिया ने पुलिस फोर्स ज्वाइन की। पुलिस फोर्स में भर्ती होने वाली तीन ट्रांसजेंडर को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इनका कहना कि सभी ट्रांसजेंडरों को बुरी नजर से देखा जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि वे भी बाकी दो जेंडर की तरह इसी समाज का हिस्सा है।
गंगा कुमारी को लेकर हुए निर्णय के बाद उन ट्रांसजेंडरों की राह आसान हो गई है जो कि सरकारी सेवाओं में जाने की तमन्ना रखते है। गंगा कुमारी का कहना है कानूनी लड़ाई जीतने के बाद उन्हें उम्मीद है वे पुलिस की नौकरी में रहकर समाज के लिए कुछ कर सकेंगी और ट्रांसजेंडर के प्रति लोगों के रवैये में भी बदलाव ला सकेंगी।