पारंपरिक बांगला परिधान, हाथों में पूजा की थाली और चेहरे पर लगा सिंदूर...आज ये नजारा था देवी के पांडाल में, जहां हर कोई अलग अंदाज में दिखा।
आपने बंगाल में तो दुर्गा पूजा की धूम देखी होगी, लेकिन अब ऐसी ही धूम राजधानी जयपुर में भी दिखने लगी है। यहां पांच दिनों से चल रहा बंगाली पूजा महोत्सव सिंदूर उत्सव के साथ संपन्न हुआ।
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खुशहाली की कामना की
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जयपुर स्थित दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला महोत्सव
- फोटो : amar ujala
जयपुर के बनीपार्क दुर्गाबाड़ी स्थित पांडाल में सुबह मां दुर्गा से खुशहाली की कामना के साथ दर्पण विसर्जन का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद यहां आई महिलाओं ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर लगाकर सुहाग की लंबी उम्र की कामना की।
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ये है इसके पीछे परंपरा
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जयपुर स्थित दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला महोत्सव
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बंगाली समाज की महिलाओं ने मां की विदाई से पहले उन्हें सिंदूर लगाने की परंपरा निभाई। इस दौरान पूजा पांडालों में भक्तों का तांता लगा रहा। पारंपरिक बंगाली वेशभूषा में महिलाएं खास अंदाज में दिखीं।
ग्रुप सेल्फी लेकर कैद की यादें
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जयपुर स्थित दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला महोत्सव
- फोटो : amar ujala
सिंदूर खेला महोत्सव के दौरान हर कोई महिला अपने इस पल को कैमरे में कैद करना चाहती थी। इसके चलते इन्होंने यहां ग्रुप सेल्फी भी ली ताकि ये यादें हमेशा संजोकर रखी जा सके।
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ऐसे शुरू हुआ सिलसिला
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जयपुर स्थित दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला महोत्सव
- फोटो : amar ujala
लालपाड़ साड़ी में सजी सुहागिन महिलाएं झुंड बनाकर दुर्गाबाड़ी पांडाल में पहुंची। यहां मां की पूजा विधि विधान के साथ की गई। मां दुर्गा के चेहरे और पैर पर सिंदूर का अभिषेक करने के बाद सिंदूर खेलने का सिलसिला जारी हुआ।
जयपुर स्थित दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला महोत्सव
- फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार बंगाल में विजयादशमी के दिन देवी को विदा करने से पहले महिलाओं के सिंदूर खेलने की परंपरा है। इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें अमर सुहाग का आशीर्वाद मां दुर्गा से मिलता है।