बैंक लूट की 10 सबसे बड़ी वारदातों की फेहरिस्त में पहले नंबर पर इराकी सेंट्रल बैंक का नाम आता है। साल 2003 में सद्दाम हुसैन के बेटे कुसाय ने इराकी बैंक से इतने रुपए लूटे कि ट्रकों में भर-भरकर ले जाने पड़े। हैरानी की बात ये है कि लूट की रकम को ट्रकों में भरने के लिए लिए 5 घंटे लग गए। तकरीबन 920 मिलियन अमेरिकी डॉलर की डकैती डाली गई। सद्दाम ने कुसाय को एक पर्ची थमाई थी। सद्दाम के खौफ का सबब ये था कि बैंककर्मियों ने पर्ची देखकर चूं तक नहीं की और कुसाय ने इत्मिनान से अरबों रुपए लूटे। करीब 61 अरब 13 करोड़ 90 लाख 14 हजार रुपए की रकम पर हाथ साफ कर दिया गया। इस लूट को अमेरिकी बमबारी शुरू होने से ठीक पहले अंजाम दिया गया था।
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दार एस सलाम बैंक
- फोटो : द रिचेस्ट
साल 2007 में बगदाद की दार एस सलाम बैंक को इसी के सुरक्षाकर्मियों ने ही लूट लिया। लूटी हुई रकम इतनी थी कि एकबार में ही बैंक कंगाल हो गया। बैंक से करीब 282 मिलियन डॉलर की रकम लूटी गई। इतनी रकम की भारतीय रुपयों से तुलना करें तो ये करीब 18 अरब 73 करोड़ 76 लाख 16 हजार 900 रुपए बैठेगी।
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मध्य एशिया के ब्रिटिश बैंक
- फोटो : द रिचेस्ट
तीसरी बड़ी लूट को मध्य एशिया के ब्रिटिश बैंक में अंजाम दिया गया। साल 1976 में बेरुत में गृहयुद्ध के दौरान इस बैंक को करीब हफ्ते भर तक लूटा गया। बैंक से करीब 210 मिलियन डॉलर यानी करीब 13 अरब 95 करोड़ 35 लाख 44 हजार 500 रुपए लूटे गए। बैंक लूटने वाले लोग यासिर अराफात की पलेस्टाइन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के थे। वारदातो को अंजाम देने के लिए कैथोलिक चर्च से सटी बैंक की दीवार को बम धमाके से उड़ा दिया गया था।
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नाइट्सब्रिज सिक्यॉरिटी डिपोजिट
- फोटो : द रिचेस्ट
चौथी सबसे बड़ी बैंक लूट को इटली के नाइट्सब्रिज सिक्यॉरिटी डिपोजिट में अंजाम दिया गया। लूट की ये वारदात इटली के कुख्यात अपराधी वलेरियो विक्की ने अपने गुर्गों के साथ साल 1987 में अंजाम दी। कैश, जवाहरात समेत करीब 200 मिलियन डॉलर की लूट की गई थी जो आज के 13 अरब 28 करोड़ 90 लाख 90 हजार रुपए के बारबर है। वलेरियों के आदमियों ने जब बैंकर्मियों की खोपड़ी पर बंदूकें तान दीं तो वलेरियों ने आकर कमान संभाली और भारी लूट को अंजाम दे डाला। सबसे दिलचस्प बात तब हुई जब वलेरियों अपने घर से अपनी फेवरेट फरारी लेने आया तो दबोच लिया गया।
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सिक्यॉरिटस डिपो
- फोटो : द रिचेस्ट
पांचवीं सबसे बड़ी बैंक लूट को इंग्लैंड के केट स्थित सिक्यॉरिटस डिपो में अंजाम दिया गया। लुटेरों ने बैंक के मैनेजर के परिवार को बंधक बनाकर 14 बैंककर्मियों को बांध दिया और कई घंटों तक बैंक को लूटा। लुटेरों ने करीब 92.5 मिलियन डॉलर पर हाथ साफ किया जो आज के करीब 6 अरब 13 करोड़ 04 लाख साढ़े 37 हजार होते हैं। हालांकि बाद में लुटेरे धरे गए और उन्हें जेल भेज दिया गया।
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ग्रेट ट्रेन रॉबरी
- फोटो : द रिचेस्ट
साल 1963 में लंदन की तमाम बैंकों के लिए नकदी ले जा रही एक पोस्टल ट्रेन को डाकुओं के एक गिरोह ने इतने शातिराना अंदाज में लूटा कि ट्रेन का इंजन और दो बोगिया निकाल ले गए और ट्रेन के दूसरे छोर की बोगियों में सवार लोगों को पता तक नहीं चला। इस पोस्टल ट्रेन को नाइट फ्लायर कहते थे। लूट को अंजाम देने वाला मास्टर माइंड इंग्लैंड का कुख्यात अपराधी ब्रूस रेयनॉल्ड्स था। बाद में पुलिस ने 17 लोगों के गिरोह को दबोच लिया। अपने समय की ये ब्रिटेन की सबसे बड़ी लूट थी। ट्रेन से 74 मिलियन डॉलर पर चपत लगाई गई थी। जो आज के करीब 4 अरब 91 करोड़ 43 लाख 36 हजार 300 रुपए होती।
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बैंको सेंट्रल
- फोटो : द रिचेस्ट
ब्राजील में बैंक के नीचे से ढाई सौ फीट लंबी सुरंग खोदकर करोड़ों की लूट को अंजाम दिया गया। लुटेरों ने यहां की बैंको सेंट्रल से 69.8 मिलियन की रकम पर हाथ साफ किया। इसे अब तक की सबसे सूझ-बूझ वाली लूट करार दिया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लुटेरे भूमिनिर्माण के व्यापारी बनकर तीन महीने तक सुंरग खोदते रहे। चौकाने वाली बात ये है कि लुटेरों ने एयर कंडीशन्ड यानी वातानुकूलिक सुरंग बनाई थी, जिसमें बिजली का भी अच्छा इंतजाम किया गया था। बैंक अथॉरिटी ने माना कि लुटेरे गणित में दक्ष थे और आधुनिक साजो-सामान से लैस थे। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पकड़ा था। कुलमिलाकर लूटी गई बड़ी रकम के 9 मिलियन डॉलर ही बरामद हो पाए। लूट की रकम रुपयो में 4 अरब 63 करोड़ 89 लाख 04 हजार 510 होती।
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नॉदर्न बैैंक
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साल 2004 में आयरलैंड के बेलफास्ट में अंजाम दी गई बैंक लूट की तैयारी जानकर आपके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहेगा। जिस दिन बैंक में लूट हुई, उसके ठीक एक दिन पहले लुटेरे पुलिस का वेश-भूषा अख्तियार कर दो बैंक अधिकारियों के घर में दाखिल हो गए और उनके परिवार को बंधक बना लिया। लुटेरों ने बंधकों को आजाद करने के एवज में बैंक से करीब 50 मिलियन डॉलर के बराबर की रकम पर हाथ साफ किया। रुपयों में इतनी रकम 3 अरब 32 करोड़ 25 लाख 22 हजार 500 होती है। हालांकि इसमें गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन अरबों की ये लूट आज तक पुलिस के लिए अनसुलझी गुत्थी बनी हुई है। यूके और आयरलैंड की सरकार ने आयरलैंड की रिपब्लिकन सेना पर इस लूट का आरोप लगाया लेकिन आयरिश रिपब्लिकन सेना ने इससे साफ इनकार कर दिया।
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दनबार आर्मर्ड
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अमेरिका में दनबार आर्मर्ड कंपनी कैश वैन के लिए बख्तरबंद गाड़ियां मुहैया कराती है। लेकिन साल 1997 में इस बख्तबंद गाड़ी से करीब 19 मिलियन डॉलर यानी करीब 1 अरब 26 करोड़ 12 लाख 85 हजार 550 रुपए की लूट को अंजाम दिया गया। लूट का मास्टरमांइंड एलन पेस भी धरा गया। एलन पेस बतौर रीजनल सिक्यॉरिटी इंस्पेक्टर काम करता था। उसने बड़े ही शातिराना अंदाज से लॉस एंजिलिस कार डिपो के भीतर की तस्वीरें इकट्ठा कीं और अपने गुर्गों के साथ वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान लुटेरे वायरलैंस रेडियो के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में थे। लेकिन मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की वजह बनी ट्रक की वो पिछली लाइट जो क्राइम सीन पर छूट गई थी।
अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के 11 देशों में लूमिस फार्गो एंड कंपनी का नेटवर्क फैला है। ये कंपनी भी अपनी बेहतरीन बख्तरबंद गाड़ियों के जरिए नकदी को सुरक्षित लाने-लेजाने की सेवा देती है। लेकिन साल 1997 में मार्च लेकर अक्टूबर तक इस कंपनी को दो बड़ी लूटों का सामना करना पड़ा। फ्लोरिडा की एक ब्रांच में लगी बख्तबंद गाड़ी से नील जॉनसन नाम का ड्राइवर अपने दो अन्य साथियों के साथ करीब 18 मिलियन डॉलर लूट ले गया। लेकिन पुलिस ने उसे यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर एक बस से खींचकर गिरफ्तार कर लिया। जॉनसन को 25 साल कैद की सजा हुई।