खाकी। इस रंग का जिक्र आते ही दिन रात हमारी रक्षा में जुटे पुलिसकर्मियों का चेहरा हमारी आंखों के सामने घूमने लगता है। खाकी वर्दी को देश की शान माना जाता है और इसे सम्मान से देखा जाता है। कोरोना काल में भी खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी 24 घंटे अपनी परवाह किए बिना कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे हुए हैं।
हम लोग चैन से सोएं, इसलिए खाकी वर्दी पहने देश के ये पहरेदार जागते हैं। सड़कों पर तैनात रहते हैं, ताकि हम अपने घरों में सुरक्षित रहें। मगर हमारी आतंरिक सुरक्षा का पर्याय बन चुके इस खाकी रंग का इतिहास क्या है। क्या सभी राज्यों की पुलिस खाकी रंग की वर्दी पहनती है। आखिर कौन से राज्य की पुलिस कुछ हटकर दिखती है। आइए जानते हैं...।
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अंग्रेजों की देन है खाकी वर्दी
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- फोटो : PTI
दरअसल पुलिसकर्मियों के लिए खाकी वर्दी की शुरुआत अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी।
ब्रिटिश राज में जब पुलिस का गठन हुआ, तो उस समय पुलिस की वर्दी सफेद थी। मगर पुलिसकर्मियों को इसे साफ रखने में काफी दिक्कतें आने लगीं।
गंदगी छिपाने के लिए पुलिसकर्मियों ने इसे अलग-अलग रंग में रंगना शुरू कर दिया। ऐसे में पुलिस अफसरों ने अपनी वर्दी के लिए एक खास किस्म की खाकी रंग की डाई का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
अफसरों को देखते हुए बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने भी ऐसी शुरुआत कर दी।
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1847 में खाकी रंग हो गया आधिकारिक
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Delhi Police Security
- फोटो : PTI
वर्ष 1847 में सर हैरी लम्सडेन ने आधिकारिक रूप से खाकी रंग की वर्दी को अपनाया। तभी से यह रंग पुलिस की पहचान बन गया।
सर लम्सडेन के नेतृत्व में पहले यह corps of Guide नामक एक बल की वर्दी हुआ करती थी। मगर बाद में उनके कहने पर पुलिस की वर्दी का रंग भी खाकी हो गया।
आखिर कोलकाता में क्यों नहीं बदला रंग
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kolkata police
पूरे देश से अलग कोलकाता की पुलिस अभी भी सफेद रंग की वर्दी पहनती है।
1845 में अंग्रेजों ने ही कोलकाता पुलिस का गठन किया था। तब देशभर की तरह उनकी वर्दी भी सफेद ही थी।
दो साल बाद सर लम्सडेन ने सफेद रंग को बदलकर खाकी करने का प्रस्ताव दिया। मगर कोलकाता पुलिस ने इससे इनकार कर दिया।
उनका तर्क था कि कोलकाता तटीय क्षेत्र है, इसलिए यहां नमी ज्यादा है। खाकी में गर्मी ज्यादा लगेगी जबकि सफेद वातावरण के हिसाब से ठीक है।
पूरे पश्चिम बंगाल में सफेद वर्दी नहीं
ऐसा नहीं है कि कोलकाता पुलिस की तरह पूरा पश्चिम बंगाल ही सफेद वर्दी पहनता है।
सफेद वर्दी सिर्फ कोलकाता पुलिस ही पहनती है। राज्य की बाकी पुलिस अन्य राज्यों की तरह खाकी वर्दी ही पहनती है।
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कर्नाटक पुलिस : निक्कर से टी-शर्ट और ट्रैक पैंट तक
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Karnataka State Police
कर्नाटक में एक समय था जब पुलिसकर्मी निक्कर पहना करते थे। लेकिन अब इसकी जगह पैंट ने ले ली है। बाद में हेड कान्स्टेबल को कुर्ता और पुलिस कान्स्टेबल को शर्ट पहनने की अनुमति मिल गई।
कर्नाटक में अभी भी रैंक के हिसाब से हैट बनने का नियम है। इसे ऑस्ट्रलियाई सेना को देखकर लागू किया गया था।
दो साल पहले तक कर्नाटक महिला पुलिस को साड़ी पहनती होती थी, लेकिन अब इसकी जगह पैंट-शर्ट ने ले ली है।
इसी तरह पिछले साल राज्य सरकार ने कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल के लिए नीले रंग की टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहनने की अनुमति दे दी।
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पुडुचेरी में लाल टोपी
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Puducherry Police
- फोटो : ..
देश को आजादी मिलने के बाद भी पुडुचेरी कई साल तक फ्रांस के अधीन रहा था।
1954 में फ्रांस से स्वतंत्र होने तक यहां की पुलिस को फ्रांसीसी नियम कायदों का ही पालन करना होता था।
फ्रांस ने खुद को सबसे अलग दिखने के लिए पुलिसकर्मियों को लाल टोपी पहनने का निर्देश जारी किया था।
फ्रांस में इसे कैपी कहा जाता है और वहां की सेना व पुलिस यूनिफार्म का यह अहम हिस्सा हुआ करती थी।
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बदली गई यूपी पुलिस की वर्दी
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- फोटो : अमर उजाला
साल 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी में बड़े बदलाव किए गए। हालांकि उसका रंग खाकी ही रहा।
वर्दी के रंग में हल्के बदलाव से लेकर, जेब, बेल्ट तक के डिजाइन में बदलाव किया गया है।
कई पुलिसकर्मी गर्मियों में कमीज की बांह को मोड़ कर पहनते हैं। लिहाजा आधी आस्तीन की शर्ट होने पर इसे मोड़कर पहने की आवश्यकता नहीं होगी।
लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस को सबसे आधुनिक माना जाता था। साल 1829 में उन्होंने गहरे नीले रंग को अपनी यूनिफॉर्म का रंग बनाया, जो पैरामिलिट्री फोर्स की वर्दी से मिलता है।
दरअसल उस समय ब्रिटिश सेना सफेद या लाल रंग की वर्दी पहनती थी, इसलिए अलग दिखने के लिए यह रंग चुना गया।
मगर वर्तमान की बात करें तो अमेरिका के लॉस एंजिलिस पुलिस यानी एलएपीडी की यूनिफॉर्म को सबसे बेहतर माना जाता है।
भारत में खाकी को अलविदा कहने की तैयारी
भारत के अधिकतर राज्यों में अब अंग्रेजों की देन खाकी रंग को अलविदा कहने का मन बना लिया है।
अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन ने पांच साल की रिसर्च के बाद पुलिस के लिए नई यूनिफॉर्म तैयार की है।
यह वर्दी हर तरह के मौसम को झेलने में सहायक और दिखने में आकर्षक होगी। साथ ही पूरे देश में एक जैसी वर्दी होगी।