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Rajasthan: राजस्थान में कब तक चलेगा सत्ता का संग्राम, पायलट नहीं तो कौन होगा नया CM? जानें 10 सवालों के जवाब

Mon, 26 Sep 2022 07:11 PM IST
हिमांशु मिश्रा रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी अगले दो दिनों के अंदर इस मसले पर बड़ा फैसला ले सकती हैं। कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत खेमे के विधायकों पर भी कांग्रेस नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब आगे क्या होगा? राजस्थान में कब तक ये सत्ता का ड्रामा चलेगा? कौन बनेगा नया मुख्यमंत्री? आइए जानते हैं ऐसे ही दस सवालों के जवाब...
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Ashok Gehlot vs Sachin Pilot - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी घमसान जारी है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे के बीच जबरदस्त खींचतान चल रही है। गहलोत खेमे ने सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गहलोत समर्थकों के इस रुख के चलते रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक भी नहीं हो सकी। आलम ये था कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की तरफ से भेजे गए पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से मिलने के लिए भी गहलोत खेमे के विधायक नहीं पहुंचे। 

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब आगे क्या होगा? राजस्थान में कब तक ये सत्ता का ड्रामा चलेगा? कौन बनेगा नया मुख्यमंत्री? आइए जानते हैं ऐसे ही दस सवालों के जवाब...
 
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राहुल गांधी के साथ सचिन पायलट और अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला
1. राजस्थान में अब तक क्या-क्या हुआ? 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल रही है। 29 सितंबर तक इसके लिए नामांकन करना है। इससे पहले राजस्थान में नए मुख्यमंत्री का एलान होना था। इसी को लेकर खींचतान शुरू हुई। रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी थी। इसके लिए पार्टी हाईकमान ने वरिष्ठ नेता अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था। बैठक शुरू होने से पहले अशोक गहलोत खेमे के विधायकों ने बागी रूख अख्तियार कर लिया।

विधायक दल की बैठक की बजाय गहलोत समर्थक विधायक मंत्री शांति धारीवाल के घर पहुंच गए। इसके बाद सभी विधायकों ने स्पीकार से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, ये इस्तीफा अभी तक स्पीकर ने मंजूर नहीं किया है। ये सभी विधायक किसी भी हालत में सचिन पायलट या उनके खेमे से किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते हैं। इन विधायकों की संख्या 82 बताई जा रही है।
 
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अशोक गहलोत और सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला
2. कब तक चलेगा ये सियासी ड्रामा? 
अभी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करके पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में हैं। यहां दोनों ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के साथ बैठक की। इस बैठक में केसी वेणुगोपाल और कमलनाथ भी मौजूद रहे। कयास लगाया जा रहा है कि बैठक के बाद कांग्रेस हाईकमान खुद से ही कुछ बड़ा एलान कर सकता है। फिलहान 29 सितंबर तक ये विवाद जारी रह सकता है। 29 सितंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है। तब तक कोई बड़ा फैसला हो सकता है।  
 

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सचिन पायलट और सीएम गहलोत - फोटो : Social Media
3. कौन बनेगा नया मुख्यमंत्री? 
इसको लेकर अभी कई तरह की कयासबाजी जारी है। कहा जा रहा है कि सचिन पायलट को कांग्रेस हाईकमान मुख्यमंत्री बनाने के लिए एलान कर सकता है। संभावना ये भी है कि गहलोत और पायलट के बीच चल रही लड़ाई के बीच किसी तीसरे को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसका फैसला भी कांग्रेस हाईकमान को ही करना है। अगर ऐसा होता है तो इस रेस में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी सबसे आगे बताए जा रहे हैं।  
 
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कांग्रेस नेता अजय माकन - फोटो : Agency
4. इस्तीफा देने वाले विधायकों पर कार्रवाई होगी? 
इसको लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक अजय माकन का बयान आया है। उनका कहना है कि ये अनुशासनहीनता है। इसके बारे में कांग्रेस अध्यक्षा को रिपोर्ट देंगे। आगे का फैसला वही करेंगी। हालांकि, अब तक किन विधायकों ने इस्तीफा दिया है न तो ये सामने आया न ही विधायकों का इस्तीफा स्वीकार होने की बात सामने आई है।  
 
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अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
5. गहलोत खेमे के विधायकों की क्या है मांग?
इस्तीफा देने बाद गहलोत खेमे के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेता अजय माकन से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस हाईकमान के सामने तीन मांगें रखीं। एक मांग यह कि 19 अक्तूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद नया मुख्यमंत्री चुना जाए। 

दूसरी शर्त यह थी कि गहलोत खेमा विधायक दल की बैठक में आने के बजाए अलग-अलग समूहों में आना चाहता था। 

तीसरी शर्त यह थी कि नया सीएम उन 102 विधायकों में से चुना जाना चाहिए, जो 2020 में हुई बगावत के वक्त गहलोत के प्रति वफादार रहे थे, न कि सचिन पायलट या उनके समूह में से। 
 
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सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला
6. सचिन पायलट के साथ कितने विधायक? 
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट के साथ अभी करीब 18 से 20 विधायकों का समर्थन है। इनमें कुछ मंत्री भी हैं। पायलट खेमे के एक मंत्री ने टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर एक-एक विधायक से पर्यवेक्षक और कांग्रेस हाईकमान बात करे तो सभी पायलट के नाम को ही मंजूरी देंगे। पायलट के दम पर ही राजस्थान में कांग्रेस दोबारा सरकार बना सकती है। 
 

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कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन - फोटो : अमर उजाला
7. नया कांग्रेस अध्यक्ष कौन बन सकता है? 
राजस्थान में पायलट और गहलोत के बीच लड़ाई के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर भी नए सुर आने लगे हैं। कहा जाने लगा है कि गहलोत खेमे के विधायकों के बागी तेवर देखकर कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें अध्यक्ष बनाने के फैसले पर फिर से विचार शुरू कर दिया है। गहलोत को अब कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से बाहर बताया जा रहा है। गहलोत के बाद अब मल्लिकार्जुन खड़गे, मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह और केसी वेणुगोपाल का नाम आगे हो गया है।  
 

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राहुल गांधी और सोनिया गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया
8. राहुल गांधी और सोनिया गांधी का क्या रुख है? 
अभी तक इस पूरे विवाद पर गांधी परिवार में से किसी का बयान नहीं सामने आया है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त हैं। आज उनकी एक तस्वीर भी सामने आई, जिसमें वह बच्चों के साथ फुटबॉल खेल रहे हैं। हालांकि, कहा जा रहा  है कि आलाकमान ने सचिन पायलट के पक्ष में ही विधायकों की राय लेने के लिए अजय माकन और मल्लिकाअर्जुन खड़गे को राजस्थान भेजा था।  
 

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कांग्रेस नेता धारीवाल समेत करीब 82 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। - फोटो : अमर उजाला
9. इस्तीफा देने वाले विधायकों का क्या कहना है? 
गहलोत गुट ने दावा किया कि 82 विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा दिया है। हालांकि, बाद में कुछ विधायकों के बयान सामने आए। इसमें विधायकों ने कहा कि उनसे किसी पन्ने पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। उसमें क्या लिखा था, उन्होंने पढ़ा नहीं। विधायकों ने ये भी कहा कि उन्हें सचिन पायलट से भी कोई परहेज नहीं है। अगर सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनते हैं, तो भी ठीक रहेगा।
 
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सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला
10. मुख्यमंत्री नहीं बने तो क्या करेंगे सचिन पायलट? 
मुख्यमंत्री न बनाए जाने के बाद सचिन पायलट क्या कर सकते हैं? इस सवाल पर  वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह कहते हैं, 'सचिन पायलट को लेकर अभी तीन तरह की बातें हो सकती हैं। '

1. पायलट को मुख्यमंत्री, गहलोत खेमे के दो से तीन विधायकों को डिप्टी सीएम : पार्टी चाहेगी कि इसके जरिए गहलोत अपने समर्थन में आए विधायकों को मनाएं। इसके बदले में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री तो गहलोत खेमे से दो या तीन को डिप्टी सीएम बना दिया जाए। 

2. गहलोत खेमे से मुख्यमंत्री, पायलट को प्रदेश अध्यक्ष : यह भी संभव है कि अशोक गहलोत खेमे की नाराजगी देखकर पार्टी हाईकमान सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बना दे। वहीं, गहलोत खेमे से किसी को मुख्यमंत्री बनाया जाए। ऐसा होने पर पायलट खेमे से किसी को डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है। 

3. पायलट को केंद्र में लाकर गहलोत को सीएम बने रहने दें : यह भी संभव है कि सचिन पायलट को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव या फिर अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। 

4. कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बना सकते हैं सचिन पायलट : लगातार अपनी ही पार्टी के विधायकों से सचिन पायलट घिर गए हैं। इस हालात में संभव है कि सचिन पायलट कांग्रेस छोड़ दें और नई पार्टी का गठन कर लें। 

5. भाजपा में शामिल हो जाएं : सचिन पायलट का फिलहाल कांग्रेस में रहना काफी मुश्किल हो रहा है। नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ना भी सचिन पायलट के लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
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