फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

West Bengal: नौ नए मंत्रियों के जरिए ममता ने भाजपा के लिए रचा बड़ा चक्रव्यूह, BJP के पोस्टर बॉय भी बने मंत्री

Wed, 03 Aug 2022 06:54 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ममता के नए मंत्रिमंडल में भाजपा छोड़कर टीएमसी में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी जगह दी गई है। अन्य मंत्री भी ऐसे बनाए गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
विज्ञापन
1 of 7
पश्चिम बंगाल की सियासत - फोटो : अमर उजाला
ममता बनर्जी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में अपनी कैबिनेट का विस्तार किया। 14 महीने के अंदर ममता सरकार का ये दूसरा कैबिनेट का विस्तार है। मंत्रिमंडल में नौ नए मंत्रियों को राज्यपाल एल गणेशन ने राजभवन में शपथ दिलाई। इसमें सात कैबिनेट और दो स्वतंत्र प्रभाव मंत्री बनाए गए हैं। 

ममता के नए मंत्रिमंडल में भाजपा छोड़कर टीएमसी में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी जगह दी गई है। एक वक्त था जब पश्चिम बंगाल में बाबुल सुप्रियो भाजपा के पोस्टर बॉय हुआ करते थे। मतलब बंगाल में लगने वाले भाजपा के हर पोस्टर में बाबुल की फोटो जरूर हुआ करती थी। अब वही सुप्रियो ममता सरकार में मंत्री बना दिए गए हैं। अन्य मंत्री भी ऐसे बनाए गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।



इससे राजनीतिक गलियारे में काफी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। कहा जाने लगा है कि लोकसभा चुनाव के लिए टीएमसी अभी से तैयारी में जुट गई है। नया मंत्रिमंडल इसी तैयारी का एक बड़ा हिस्सा है।  आइए समझते हैं कैसे...?  
 
विज्ञापन

2 of 7
ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
पहले जानिए किन्हें मंत्री बनाया गया
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र प्रभार
बाबुल सुप्रियो   बीरबाहा हंसदा
स्नेहाशीष चक्रबर्ती   बिप्लब रॉय चौधरी
पार्थ भौमिक  
उदयन गुहा  
प्रदीप मजूमदार  
तजमुल हुसैन  
सत्यजीत बर्मन  
विज्ञापन

3 of 7
बाबुल सुप्रियो (मध्य में) - फोटो : twitter.com/AITCofficial
बैंक कर्मचारी से केंद्रीय मंत्री और अब ममता के मंत्री बने बाबुल
बाबुल सुप्रियो यानी सुप्रिया बराल का जन्म 1970 में पश्चिम बंगाल के उत्तर पारा में हुआ। बाबुल ने अपने कॅरियर की शुरुआत एक बैंक कर्मचारी के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपनी पहचान बनाई। प्लेबैक सिंगर के तौर पर नाम कमाने के बाद बाबुल ने राजनीति में कदम रखा। योग गुरु बाबा रामदेव के कहने पर वह 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के लिए उन्होंने खूब प्रचार किया। 

खुद टीएमसी की कद्दावर नेता डोला सेन को लोकसभा चुनाव में हरा दिया। पहली बार सांसद चुने गए बाबुल को मोदी सरकार में मंत्री पद की जगह दी गई। 2019 में बाबुल ने फिर से टीएमसी की मुनमुन सेन को हराया। फिर बाबुल को केंद्र राज्य मंत्री बनाया गया। 
 

4 of 7
ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
फिर ममता की लहर में हार गए बाबुल
2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बाबुल को पश्चिम बंगाल की राजनीति करने के लिए मैदान में उतारा। उन्हें टॉलीगंज विधानसभा से उम्मीदवार बनाया। पूरे प्रदेश में बाबुल भाजपा के स्टार प्रचारक थे। हर पोस्टर-बैनर में बाबुल की तस्वीर हुआ करती थी। हालांकि, बाबुल विधानसभा चुनाव हार गए। 

चुनाव में भाजपा को बुरी हार मिली। इसके बाद बाबुल ने भी भाजपा का साथ छोड़ दिया। वह टीएमसी में शामिल हो गए। इसी साल अप्रैल में हुए उपचुनाव में टीएमसी ने बाबुल को बलीगंज से उम्मीदवार बनाया था। वह जीत भी गए। अब ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्री बनाकर इसका इनाम दिया है। 
 
विज्ञापन

5 of 7
बाबुल सुप्रियो - फोटो : अमर उजाला
बाबुल को क्यों बनाया मंत्री? 
इसे समझने के लिए हमने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत दास से संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'बाबुल सुप्रियो को भाजपा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक स्टार बना दिया है। वह उत्तर पारा समेत कई लोकसभा सीटों पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। भाजपा की राजनीति से भी बाबुल वाकिफ हैं। ममता बनर्जी इसका इस्तेमाल आने वाले लोकसभा चुनाव में कर सकती हैं। बाबुल भाजपा के पुराने सैनिक रहे हैं और ममता की पूरी कोशिश होगी कि वह बाबुल के जरिए भाजपा पर निशाना साधें।'
 
विज्ञापन

6 of 7
मंत्री पद की शपथ लेते टीएमसी के विधायक - फोटो : अमर उजाला
ममता के नौ मंत्री और सभी के जरिए भाजपा पर निशाना 
बाबुल सुप्रियो का समीकरण तो आपने समझ लिया। अब बाकी नए मंत्रियों का गणित भी समझ लीजिए। ममता का हर नया मंत्री चुन-चुनकर बनाया गया है।

1. ममता ने अपने मंत्रिमंडल में स्नेहाशीष चक्रबर्ती को भी शामिल किया है। स्नेहाशीष हुगली के जंगीपारा से विधायक हैं। ये विधानसभा हुगली संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। हुगली से 2019 में भाजपा की उम्मीदवार लॉकेट चटर्जी ने लोकसभा का चुनाव जीता था।

2. ममता के दूसरे मंत्री पार्थ भौमिक हैं। पार्थ नईहाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। ये विधानसभा बैरकपुर संसदीय क्षेत्र में आती है। यहां से 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अर्जुन सिंह ने चुनाव जीता था। 

3. मंत्रिमंडल विस्तार में उदयन गुहा को भी मंत्री बनाया गया है। गुहा दीनहाता विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। यह क्षेत्र कूच बिहार संसदीय क्षेत्र में आता है। 2019 लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के निसिथ प्रमाणिक सांसद चुने गए थे। 

4. अब बात करते हैं ममता सरकार के अगले नए मंत्री प्रदीप मजूमदार की। प्रदीप दुर्गापुर पूर्व विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। ये सीट बर्दवान दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र में आती है। यहां से 2019 लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के एसएस अहलूवालिया ने जीता था। 

5. तजमुल हुसैन को भी ममता सरकार में मंत्री बनाया गया है। हुसैन हरीशचंद्रपुर विधानसभा से विधायक चुने गए हैं। ये सीट मालदा उत्तर संसदीय क्षेत्र में आती है। यहां से 2019 लोकसभा चुनाव में खगेन मुर्मू ने जीत हासिल की थी। खगेन भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। 

6. ममता के नए कैबिनेट मंत्रियों में आखिरी नाम सत्यजीत बर्मन का आता है। सत्यजीत बर्मन हेमताबाद विधानसभा से विधायक चुने गए हैं। ये विधानसभा सीट रायगंज लोकसभा क्षेत्र में आती है। यहां से 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा की देबोश्री चौधरी ने जीत हासिल की थी। 

7. ममता का दांव केवल कैबिनेट मंत्रियों को लेकर नहीं है, बल्कि स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों को भी उसी उद्देश्य के साथ बनाया गया है। ममता के नए मंत्रिमंडल में बीरबाहा हंसदा को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है। हंसदा बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री रह चुकी हैं। अभी झारग्राम से विधायक हैं। हंसदा की सीट झारग्राम संसदीय क्षेत्र में आती है। 2019 लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के कुंवर हेम्ब्रम ने जीत हासिल की थी।

8. ममता के अगले स्वतंत्र प्रभार मंत्री बिप्लब रॉय चौधरी हैं। चौधरी पंसकुरा पूर्ब विधानसभा सीट से विधायक हैं। ये सीट तामलुक संसदीय क्षेत्र में आती है। यहां से भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदू अधिकारी के भाई दिव्येंदू अधिकारी 2019 में सांसद चुने गए थे। यूं तो दिव्येंदू अभी भी तृणमूल कांग्रेस में ही हैं, लेकिन सियासी गलियारे में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। ममता भी अब उन्हें दोबारा मौका नहीं देना चाहती हैं। ऐसे में ममता ने अभी से दिव्येंदु का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इलाके में टीएमसी को मजबूत करने के लिए बिप्लब को मंत्री पद दे दिया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
भाजपा के नए कार्यकर्ता जेपी नड्डा, साथ में गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ट्विटर
भाजपा के खिलाफ बड़ा चक्रव्यूह
वरिष्ठ पत्रकार हेमंत दास कहते हैं, 'ममता बनर्जी के सभी नौ नए मंत्री भाजपा की जीती हुई संसदीय क्षेत्र से आते हैं। ये अपने आप में एक बड़ा दांव है। ममता ने उन्हीं क्षेत्रों के विधायकों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है, जहां भाजपा मजबूत है। ये एक बड़ा संदेश है। ममता 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहीं हैं।'

हेमंत कहते हैं, 'ममता ने केवल इन्हें मंत्री नहीं बनाया है, बल्कि इन्हें नौ संसदीय सीटों की जिम्मेदारी भी दी है। इन मंत्रियों से साफ कहा गया है कि कुछ भी करके वह क्षेत्र में भाजपा का वर्चस्व कम करें ताकि 2024 में टीएमसी इन सीटों को वापस जीत सके।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें