लैसीना ने कहा, "अमेरिका और भारत के बीच स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का दोनों देशों और विश्व स्तर पर लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। यह साझेदारी हमारे समय की चुनौतियों का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण है।"
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अदार पूनावाला और पेट्रीसिया लैसीना
- फोटो : PC : US Embassy India
अमेरिकी दूतावास की प्रभारी पेट्रीसिया लैसीना ने बुधवार को कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके देश और भारत के बीच के बीच लंबे समय से संबंध चले आ रहे हैं। इससे दोनों देशों के साथ-साथ विश्व स्तर पर लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है।
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अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआई मुख्यालय का दौरा किया
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अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : PC: US Embassy
लैसीना, मुंबई में अमेरिकी महावाणिज्य दूत माइक हैंके, नोवोवैक्स इंक के सीईओ स्टेनली सी एर्क और अन्य अमेरिकी लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) मुख्यालय का दौरा किया। अमेरिका-भारत के बीच 75 साल की द्विपक्षीय साझेदारी का जश्न मनाने के लिए उन्होंने एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला से मुलाकात की।
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'चुनौतियों का समाधान करने के लिए साझेदारी महत्वपूर्ण'
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- फोटो : PC : US Embassy India
जारी बयान में लैसीना के हवाले से कहा गया, "अमेरिका और भारत के बीच स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का दोनों देशों और विश्व स्तर पर लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। यह साझेदारी हमारे समय की चुनौतियों का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण है।"
एसआईआई और नोवावैक्स ने दुनियाभर के लोगों की जान बचाने में की मदद
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- फोटो : PC: US Embassy
लैसीना ने कहा, दोनों देशों के बीच सार्वजनिक-निजी आर्थिक साझेदारी हमारे लोगों के स्वास्थ्य और समृद्धि को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुझे पुणे आकर और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का दौरा करके बहुत खुशी हो रही है, जिसने महामारी के दौरान दुनियाभर में लोगों की जान बचाने में मदद की है।
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'पहले से अधिक मजबूत हुए अमेरिका-भारत संबंध'
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US
- फोटो : PC: US Embassy
एर्क ने कहा कि भारत ने विनाशकारी महामारी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, यह (भारत) दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसका सभी मोर्चों पर एक असर पड़ता रहेगा। अमेरिका-भारत संबंध पहले से भी अधिक मजबूत हुए हैं। नोवावैक्स और सीरम इंस्टीट्यूट इंडिया, हर जगह के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सामूहिक समर्पण, सरलता और विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए इन साझेदारियों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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टीके के विकास में भागीदार हैं एसआईआई और नोवावैक्स
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भारतीय सीरम संस्थान
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
एसआईआई और नोवावैक्स, नोवावैक्स के टीके के विकास और निर्माण में प्रमुख भागीदार है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि वैक्सीन पहले से ही यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और दुनियाभर के कई अन्य देशों में निर्यात की जा रही है।
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अडार पूनावाला ने क्या कहा?
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अदार पूनावाला
- फोटो : Facebook/Bennett University
एसआईआई के सीईओ पूनावाला ने कहा कि अमेरिका और भारत सबसे लंबे समय तक करीबी सहयोगी रहे हैं और दोनों ने मिलकर कई मिल के पत्थर पूरे किए हैं जिससे नागरिकों और दुनिया को बड़े पैमाने पर लाभ हुआ है। उन्होंने कहा, वैश्विक टीकाकरण और महामारी राहत के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग प्रेरणादायक रहा है और विकास की अवस्था को ऊपर और आगे बनाए रखने के लिए हम ईमानादारी से अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
प्रतिनिधियों ने एसआईआई और नोवावैक्स के बीच साझेदारी का स्वागत किया
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Novavax vaccine
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रतिनिधियों ने कोविड महामारी और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को संबोधित करने में अमेरिका-भारत सहयोग द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने वैक्सीन विकास और निर्माण को लेकर नोवावैक्स और एसआईआई के बीच साझेदारी का स्वागत किया और इस बात की सराहना की कि कैसे इस गठबंधन ने सुरक्षित, प्रभावी और सस्ते कोविड टीकों की वैश्विक पहुंच को बढ़ाया।